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Coronavirus : जिस दवा का ट्रंप कर रहे थे इस्तेमाल, WHO ने उसके ट्रायल पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2020, 9:14 IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर रोक लगा दी है. WHO महानिदेशक ने सोमवार को कहा कि एहतियात के तौर पर कोविड-19 के संभावित उपचार के रूप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के क्लिनिकल ट्रायल को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है. WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि द लैंसेट में एक अध्ययन के सामने आया है कि कोविड -19 रोगियों पर दवा का उपयोग करने से उनके मरने की संभावना बढ़ सकती है.

इससे पहले WHO ने दुनियाभर में मरीजों पर कोरोना वायरस के खिलाफ मौजूद दवाओं का असर देखने के लिए सॉलिडैरिटी ट्रायल का आयोजन किया था. इस इस ट्रायल में हजारों मरीजों पर दवा का असर देखा जाना था. इस ट्रायल से अब हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को हटा दिया गया है.


अमेरिकी राष्ट्रपति ने की थी दवा की सिफारिश

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन आमतौर पर गठिया के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह घोषणा की कि वह ये दवा ले रहे हैं. वह पहले भी इस दवा के इस्तेमाल की सलाह दे चुके हैं. ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री ने भी पिछले हफ्ते हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साथ-साथ मलेरिया-रोधी क्लोरोक्विन का उपयोग करने की सिफारिश की थी. ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने कहा था कि वह अपने पास इस दवा का पैकेट रखते हैं. अमेरिकी और ब्राजील इन दोनों देशों में कोविड -19 मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है.

लैंसेट ने बताया खतरनाक

भारत सबसे ज्यादा बनने वाली इस दवा को लेकर द लैंसेट के अध्ययन में पाया गया कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्विन ये दोनों दवाएं संभावित गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं, खासतौर से यह आपके हार्ट को नुकसान पहुंचा सकती है. लैंसेटके अध्ययन में पाया गया है कि दवा किसी भी तरह से COVID-19 रोगियों को लाभ नहीं पहुंचा सकती है. अध्ययन में सैकड़ों अस्पतालों में 96,000 रोगियों का रिकॉर्ड को देखा गया.

WHO प्रमुख ने सोमवार को जोर देकर कहा कि दो दवाओं को ऑटोइम्यून बीमारियों या मलेरिया के रोगियों में उपयोग के लिए आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है." डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने सोमवार की ब्रीफिंग में बताया कि डब्ल्यूएचओ समर्थित सॉलिडैरिटी ट्रायल केवल हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के प्रभाव को देख रहा था न कि क्लोरोक्वीन को.

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First published: 26 May 2020, 9:11 IST
 
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