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दाऊद का गुर्गा क्यों कर रहा है ब्रिटिश एजेंसी की गिरफ्त में आत्महत्या की कोशिश ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2019, 8:57 IST

कभी अंडरवर्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी का सबसे अहम सदस्य जाबिर मोती अब ब्रिटिश एजेंसी की गिरफ्त में आत्महत्या की कोशिश कर रहा है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उसने कम से कम तीन बार आत्म हत्या की कोशिश की है.

ब्रिटिश कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि जाबिर अमेरिका प्रत्यर्पण से बचना चाहता है और बुरी तरह अवसाद से ग्रसित हो चुका है. दरअसल अमेरिकी एजेंसियां दाऊद के इस गुर्गे से नशीले पदार्थों की तस्करी, रंगदारी और अवैध लेनदेन जैसे मामलों में पूछताछ करना चाहती है.

 

ऐसे तमाम मामलों में जाबिर पर अमेरिका में मामले दर्ज हैं. अमेरिका ने ब्रिटिश कोर्ट में जाबिर के प्रत्यर्पण की अर्जी दी है. जबीर मोतीवाला पर 1.4 मिलियन अमरीकी डालर की धोखाधड़ी का आरोप है और वह 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है. जाबिर के वकीलों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताते हुए प्रत्यर्पित न करने और इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की अपील की है.

उसके वकीलों ने अदालत में कहा कि वह लम्बे समय से अवसाद से पीड़ित है. उसने 2008, 2011 और 2015 में कम से कम तीन आत्महत्या के प्रयास किए हैं और एक पाकिस्तानी मनोचिकित्सक उसकी देखभाल कर रहे हैं'.

मोती को एक व्यापक एफबीआई जांच के बाद अमेरिकी ग्रैंड जूरी अभियोग के सिलसिले में अगस्त 2018 में लंदन के एक होटल से स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा गिरफ्तार किया गया था. उसके खिलाफ आरोप 2010 और 2014 के बीच की अवधि से संबंधित हैं और अमेरिका में उसे 25 साल की सजा सुनाई जा सकती है.

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First published: 2 July 2019, 8:57 IST
 
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