Home » इंटरनेशनल » Defense Minister Rajnath Singh tells China tto restore status quo at LAC during the meeting with Chinese defense minister Wei Fenghe in Mosc
 

चीनी रक्षा मंत्री के साथ दो घंटे तक चली बातचीत में राजनाथ सिंह का चीन को दो टूक जवाब, 'शांति चाहते हो तो पीछे हटाओ सेना'

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2020, 8:25 IST

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बढ़ रहे तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने समकक्ष चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही से मोस्को (Moscow) में मुलाकात की. इस दौरान रक्षा मंत्री सिंह ने चीन से दो टूक कहा कि अगर शांति चाहते हो तो अपनी सेना को पीछे हटाओ. उन्होंने कहा का शांति के लिए चीन को एलएसी पर यथास्थिति रखनी चाहिए. बता दें कि लद्दाख (Ladakh) में एलएसी पर पिछले करीब चार महीने से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. शुक्रवार को रूस की राजधानी मास्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगे से मुलाकात की.

इस दौरान उन्होंने चीन को उसकी आक्रमकता वाली गलती याद दिलाई और कहा कि शांति के लिए सीमा पर से सेना को तत्काल हटाना होगा. करीब दो घंटा 20 मिनट तक चली बातचीत के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा भी मौजूद रहे. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बाद में राजनाथ और चीनी रक्षामंत्री के बीच हुई लंबी वार्ता का केंद्र बिंदु पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए बीच का रास्ता निकालने पर ही टिका रहा. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगहे से स्पष्ट तौर पर कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध से पहले की स्थिति कायम करें. उन्होंने साफ कहा कि शांति के लिए चीन को अपनी सेना को पीछे हटाना होगा.


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बता दें कि इसी साल मई में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर हुए तनाव के बाद ये पहली उच्च स्तरीय आमने-सामने की बैठक हुई है. हालांकि इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल गतिरोध दूर करने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय ने ट्वीट किया, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही के बीच मॉस्को में बैठक समाप्त हुई. यह बैठक दो घंटे 20 मिनट तक चली.

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सूत्रों के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी सेना के पैंगोंग झील के दक्षिण तट में यथास्थिति बदलने के नए प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई और वार्ता के माध्यम से गतिरोध के समाधान पर जोर दिया. एक सूत्र ने बताया कि, "दो रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत का केन्द्र लंबे समय से चले आ रहे सीमा गतिरोध को हल करने के तरीकों पर था." गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच गलवान घाटी और पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में सैन्य झड़पों के बाद यह पहली शीर्ष राजनीतिक स्तर की बैठक थी.

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सूत्रों के मुताबिक, मॉस्को के एक होटल में रात करीब (भारतीय समयानुसार) 9.30 बजे चालू हुई बैठक में राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष के सामने स्पष्ट तौर पर पूर्वी लद्दाख में गतिरोध से पहले की स्थिति कायम करने पर ही तनाव कम होने की बात रखी. साथ ही सैन्य बलों को तेजी से पीछे हटाने पर भी जोर दिया गया है.

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भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, चीनी रक्षा मंत्री के अनुरोध पर यह बैठक आयोजित की गई. पूर्वी लद्दाख में कई जगह भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है. तनाव तब और बढ़ गया था जब पांच दिन पहले पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर चीनी सेना ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जे का असफल प्रयास किया, वो भी तब जब दोनों पक्ष कूटनीतिक और सैन्य बातचीत के जरिये विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

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उससे पहले चीन और भारत के सैनिकों के बीच 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के एक कर्नल समेत 2० सैनिक शहीद हो गये थे. उसके बाद ये बात भी सामने आई थी कि चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गये थे हालांकि चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया.

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First published: 5 September 2020, 8:25 IST
 
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