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मैक्स वर्सटैपन एफ-वन रेस जीतने वाले दुनिया के सबसे युवा ड्राइवर

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2016, 17:25 IST

नीदरलैंड के मैक्स वर्सटैपन रविवार को स्पैनिश ग्रां प्री जीतकर सबसे कम उम्र में फॉर्मूला वन चैंपियनशिप जीतने वाले ड्राइवर बन गए हैं.

18 साल के वर्सटैपन ने मर्सिडीज के पहले लैप की दुर्घटना का फायदा उठाकर फॉर्मूला वन चैंपियनशिप जीतने वाले दुनिया के सबसे युवा ड्राइवर बनने का गौरव हासिल किया. 

हैमिल्टन और रोसबर्ग उस समय रेस से बाहर हो गए जब दोनों की गाड़ियां आपस में भिड़ गईं. रेड बुल की तरफ से पहली बार इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे 18 वर्षीय वर्सटैपन ने अपनी 24वीं एफ-1 रेस में पहली जीत दर्ज की.

24वीं एफ-1 रेस में पहली जीत


रेस जीतने के बाद मैक्स ने कहा कि मेरे लिए ये गर्व का पल है. मैं अभी भी यकीन नहीं कर पा रहा हूं, ये एक बेहतरीन रेस रही. उन्होंने कहा कि मैं टीम का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतनी बेहतरीन गाड़ी दी. पहले ही दौर को जीतना अद्भुत लगता है. इस जीत को हासिल करने में मेरे पिता ने अहम भूमिका निभाई.

मैक्स के पिता जोस वर्सटैपन ने कहा,"दूसरे ही साल में चैंपियनशिप जीतना अविश्वसनीय लगता है. फॉर्मूला वन के इतिहास में ये पहला मौका था, जब डच का राष्ट्रीय गान बजाया गया."

नीदरलैंड के मैक्स वर्सटैपन ने 18 साल 228 दिन की उम्र में ये कारनामा किया है. उन्होंने चार बार के चैंपियन सेबेस्टियन वेटेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2008 में 21 साल 74 दिन की उम्र में रेड बुल के ड्राइवर के रूप में खिताब जीता था.

इस रेस में राइकोनेन दूसरे, वेटेल तीसरे और रिकयार्डो चौथे नबंर पर रहे. इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले सहारा फ़ोर्स इंडिया के सर्जियो पेरेज स्पेनिश ग्रां प्री में सातवें स्थान पर रहे, जिससे उनकी टीम को छह अंक मिले.

हालांकि उनकी टीम के एक अन्य साथी निको हल्केनबर्ग रेस पूरी नहीं कर सके. हल्केनबर्ग अपनी गाड़ी में तेल के रिसाव और आग के कारण शुरू में ही बाहर हो गए थे. छह अंक हासिल करके फोर्स इंडिया की टीम चैंपियनशिप में सातवें स्थान पर पहुंच गयी है.

First published: 16 May 2016, 17:25 IST
 
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