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धूम्रपान छोड़ने में मदद नहीं करती ई-सिगरेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
QUICK PILL
  • द लैंसेट रेसपिरेटरी मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ई-सिगरेट पीने वाले वयस्क स्मोकर्स में इसे छोड़ने की संभावना हकीकत में 28 फीसदी कम होती है.
  • ई-सिगरेट बैटरी से चलती हैं. इनमें तरल निकोटिन जैसे या फ्लेवर होते हैं जो कस लगाने पर इन्हें गर्म कर वाष्प देते हैं. इस प्रक्रिया में बिना निकोटिन के सिगरेट पीने की तलब पूरी होने का अहसास मिलता है.

तमाम इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट कंपनियों द्वारा दावा किया जाता है कि यह धूम्रपान छोड़ने में मददगार साबित होती हैं. लेकिन तमाम नए अध्ययनों के मुताबिक इनका उल्टा असर होता है.

द लैंसेट रेसपिरेटरी मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ई-सिगरेट पीने वाले वयस्क स्मोकर्स में इसे छोड़ने की संभावना हकीकत में 28 फीसदी कम होती है.

हालांकि इस सवाल पर पहले भी तमाम बार अध्ययन किया जा चुका है जिससे विरोधाभासी परिणाम सामने आए थे. लेकिन नए अध्ययन की चरणबद्ध समीक्षा और प्रकाशित आंकड़ों का विश्लेषण अब तक का सबसे विशाल अध्ययन है.

गौरतलब है कि ई-सिगरेट बैटरी से चलती हैं. इनमें तरल निकोटिन जैसे या फ्लेवर होते हैं जो कस लगाने पर इन्हें गर्म कर वाष्प देते हैं. इस प्रक्रिया में बिना निकोटिन के सिगरेट पीने की तलब पूरी होने का अहसास मिलता है.

क्योंकि इन्हें पीने वाला तंबाकू जलने से पैदा हुए धुएं और निकोटिन को अपने अंदर नहीं ले जाता इसलिए इन ई-सिगरेट को सामान्य सिगरेट की तुलना में एक स्वस्थ्य विकल्प बताया जाता है. यह भी कहा जाता है कि इससे सिगरेट पीने वाले को तंबाकू से दूर किया जा सकता है.

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लेकिन 2015 में यूएस प्रीवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स ने यह निष्कर्ष निकाला कि वयस्कों को धूम्रपान छोड़ने में मदद करने के लिए ई-सिगरेट के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

इतना ही नहीं ई-सिगरेट निर्माता कंपनियों द्वारा यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पास धूम्रपान छोड़ने के यंत्र के रूप में इसे मान्यता देने संबंधी आवेदन भी नहीं किया गया. इसलिए एफडीए ने धूम्रपान छोड़ने में मददगार होने का दावा करने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की.

एफडीए ने चिंता व्यक्त करते हुए यह जरूर कहा था कि क्योंकि यह उत्पाद किसी नियंत्रण में नहीं आते, इसलिए इनमें अज्ञात रासायनिक और जहरीले पदार्थ मिले हो सकते हैं.

ई-सिगरेट को सामान्य सिगरेट की तुलना में एक स्वस्थ्य विकल्प बताया जाता है

मौजूदा अध्ययन में कल्खोरन और उनकी टीम ने वयस्क सिगरेट पीने वालों में सिगरेट छोड़ने और ई-सिगरेट के संबंध को लेकर की गई 38 शोधों का खंगाला. इनमें उन्होंने 20 शोधों को चुना जिनमें ऐसे ई-सिगरेट का इस्तेमाल न करने वाले नियंत्रित धूम्रपान करने वालों का समूह शामिल था. 

उन्होंने पाया कि सिगरेट पीने वालों की तुलना में ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वालों में धूम्रपान छोड़ने की संभावना 28 फीसदी कम होती है.

पूर्व में किए गए तमाम अध्ययनों की शोध में वास्तविक दुनिया के निरीक्षणों की जांच के साथ क्लीनिक स्टडी भी की गई. इसमें अंतिम परिणाम को प्रभावित करने वाले कारकों मसलन भौगोलिक स्थिति, पूर्व में धूम्रपान छोड़ने के प्रयासों, निकोटिन पर निर्भरता की मात्रा आदि को भी जांचा गया.

हालांकि इस अध्ययन के बारे में भी तमाम लोगों की राय जुदा है.

First published: 16 January 2016, 2:09 IST
 
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