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कुवैत में रह रहे आठ लाख भारतीयों को नौकरी छोड़कर लौटना पड़ सकता है स्वदेश, जानिए क्या है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2020, 11:13 IST

Eight Lakh Indians may be forced to leave Kuwait: अमेरिका (America) के बाद अब कुवैत (Kuwait) में रह रहे भारतीयों पर स्वदेश लौटने का खतरा मंडराने लगा है. दरअसल, कुवैत की नेशनल असेंबली (National Assembly) की कानूनी और विधायी समिति ने हाल ही में अप्रवासी कोटा बिल (Migrant Quota Bill) के मसौदे को मंजूरी दे दी है. इस बिल को मंजूरी मिलने के बाद करीब आठ लाख भारतीयों को कुवैत छोड़न कर भारत लौटना पड़ सकता है. ऐसे में उनके सामने रोजगार और नौकरी का खतरा एक बार फिर से पैदा हो सकता है. गल्फ न्यूज ने स्थानीय मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि कुवैत की नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने निर्धारित किया है कि अप्रवासी कोटा बिल का ड्राफ्ट संवैधानिक है.

बता दें कि इस बिल के मुताबिक, अनुसार, कुवैत में भारतीयों की आबादी 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. बिल को संबंधित समिति में स्थानांतरित करने की बात कही गई है ताकि इसके लिए एक व्यापक योजना बनाई जाए. वहीं आउटलेट ने बताया कि इसस बिल के कारण करीब आठ लाख भारतीयों को कुवैत छोड़कर वतन वापस आना पड़ सकता है. बता दें कि कुवैत में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है, जिसकी कुल संख्या करीब 15 लाख है. कुवैत में हर साल हजारों की संख्या में भारतीय कामगार पहुंचते हैं. उसके बाद कई साल तक वहीं रहते हैं ऐसे में उन्हें नौकरी की कोई परेशानी नहीं होती, उसके बाद वो कुवैत छोड़कर वापस नहीं आना चाहते.


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वहीं कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ ही वहां प्रवासियों के खिलाफ बयानबाजी भी शुरू हो गई है. इसके बाद स्थानीय शासन और सरकारी अधिकारियों ने कुवैत से विदेशियों की संख्या कम करने की बात कही है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, कुवैत में कोरोनो वायरस के 49,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और इसमें लगातार इजाफा होता जा रहा है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले महीने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख सबा अल खालिद अल सबाह ने अप्रवासियों की आबादी 70 से घटाकर 30 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव के आने के बाद से ही कुवैत में रह रहे भारतीयों के साथ अन्य देशों के कामगारों पर भी स्वदेश वापस लौटने का खतरा मंडराने लगा है.

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First published: 6 July 2020, 11:13 IST
 
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