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मालदीव में लगी इमरजेंसी, पूर्व राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस गिरफ्तार, संसद पर सेना का कब्जा

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2018, 9:47 IST

मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को पद से हटाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम द्वारा चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ मालदीव में इमरजेंसी लागू कर दी गई है. मालदीव में राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. राष्ट्रपति के ऐलान के तुरंत बाद पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को गिरफ़्तार कर लिया गया. सेना ने संसद पर कब्जा कर लिया है.

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने 15 दिनों के लिए इमरजेंसी लागू की है इसके बाद राजनेताओं की धरपकड़ तेज हो गई है. इससे पहले सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद नशीद समेत राजनीतिक बंदियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने से इन्कार कर दिया. उसने कहा कि वह इन सभी के खिलाफ फिर से मुकदमा चलाएगी.

 

अधिकारियों ने बताया कि इमरजेंसी लागू होने पर संसद को दो दिन में इसकी जानकारी देनी होती है. लेकिन, इसे सरकार पहले ही अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर चुकी है. इस बीच, भारत सरकार ने मालदीव की राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि अगर बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तो वहां नहीं जाएं.

बता दें कि वर्तमान राष्ट्रपति के खिलाफ अभियान चलाने वाले पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम 30 साल तक मालदीव के राष्ट्रपति रहे हैं वह राष्ट्रपति यामीन के सौतेले भाई हैं. वह विपक्षी नेताओं का साथ दे रहे हैं.

 

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने सरकारी टेलीविजन पर आपातकाल लगाए जाने की घोषणा किए जाने के बाद एक वक्तव्य में कहा, 'इस कठिन घड़ी में कुछ अधिकार सीमित रहेंगे. सामान्य आवाजाही, सेवाएं और व्यापार प्रभावित नहीं होंगे'. हालांकि देश में लगाए गए आपातकाल के आदेश की हद अभी तत्काल स्पष्ट नहीं है.

इसके साथ ही मालदीव की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अली हमीद को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया. उनके साथ ही न्यायिक प्रशासन विभाग के प्रशासक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

First published: 6 February 2018, 9:47 IST
 
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