Home » इंटरनेशनल » Emmanuel Macron says Indo-French Rafale deal was a government to government discussion, he Was not in power on deal signed
 

विवादों का राफेल: फ्रांस्वा ओलांद के बाद फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा- डील के समय.....

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 September 2018, 15:23 IST
(file photo )

राफेल सौदे को लेकर भारत की राजनीति में कोहराम मचा हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला कर रहे हैं. राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार दबाव में है. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के रिलायंस से जुड़े बयान के बाद एक बार फिर से इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है. जिसके बाद लगातार इसको लेकर बयानबाजी जारी है. अब फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों का इस विवाद पर बयान आया है. उन्होंने कहा है कि राफेल सौदा दो सरकारों के बीच का करार है. वह इसको लेकर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं.

मीडिया खबरों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73 वें अधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे एमैनुएल मैक्रों ने अधिवेशन के इतर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उनसे भारत-फ्रांस के बीच हुए राफेल सौदे को लेकर एक सवाल पूछा गया कि क्या भारत सरकार ने राफेल सौदे में रिलायंस को शामिल करने के लिए फ्रांस या फ्रांस की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी दसाल्ट से कहा था.

इसके जवाब में मैक्रो ने कहा कि ‘मुझे और कोई टिप्पणी नहीं करनी. मैं उस वक्त पद पर नहीं था और मैं जानता हूं कि हमारे नियम बहुत स्पष्ट हैं. ’फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि यह सरकार से सरकार के बीच हुई बातचीत थी और ‘यह अनुबंध एक व्यापक ढांचे का हिस्सा है जो भारत एवं फ्रांस के बीच सैन्य एवं रक्षा गठबंधन है.’ उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह सिर्फ औद्योगिक संबंध नहीं बल्कि एक रणनीतिक गठबंधन है. मैं बस उस तरफ ध्यान दिलाना चाहूंगा जो पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कहा है.

आपको बता दें कि इससे पहले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा था कि राफेल सौदे में रिलायंस को दिल्ली के इशारे पर शामिल किया गया था. ओलांद ने फ्रांस की एक न्यूज वेबसाइट से बात करते हुए कहा था कि भारत सरकार ने 58,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में फ्रांसीसी कंपनी दसाल्ट के साझेदार के तौर पर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस के नाम का प्रस्ताव दिया था. फ्रांस के पास इसमें किसी को शामिल करने का कोई विकल्प नहीं था.

ये खबर फ्रांस मीडिया में सुर्खियों में रही थी. जिसके बाद इसने भारत में भी बड़ा विवाद पैदा कर दिया. इसके बाद कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने इस ओलांद के इस बयान को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोल दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे में अनियमितता होने का आरोप लगाया है.

ये भी पढ़ें- राफेल डील नहीं होगी रद्द, CAG की रिपोर्ट का करेंगे इंतज़ार: अरुण जेटली

First published: 26 September 2018, 15:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी