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डोनाल्ड ट्रंप को Facebook मुखिया जकरबर्ग का करारा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 September 2017, 20:34 IST

दुनिया के प्रमुख सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Facebook पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके खिलाफ प्रचार किए जाने का आरोप लगाया है. इसके बाद Facebook के मुखिया मार्क जकरबर्ग ने करारा जवाब दिया है.

Facebook के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने ट्रंप के ऐसे आरोपों को खारिज किया है जिसमें Facebook पर 'न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट की तरह' उनके खिलाफ प्रचार की बात कही गई है. इस मामले पर जकरबर्ग ने कहा कि ट्रंप के आरोप आधारहीन हैं.

इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने ट्वीट किया था, "Facebook हमेशा से ट्रंप विरोधी रहा है. यह नेटवर्क हमेशा से ही ट्रंप विरोधी रहे हैं, इसलिए फर्जी खबरें (फेक न्यूज).. न्यूयॉर्क टाइम्स व वाशिंगटन पोस्ट ट्रंप विरोधी रहे हैं. मिलीभगत?"

इसके जवाब में जकरबर्ग ने कहा, "ट्रंप का कहना है कि Facebook उनके विरोध में है. जबकि लिबरल (उदारवादी) कहते हैं कि हम ट्रंप की सहायता करते हैं. दोनों ही उन विचारों और सामग्री से परेशान हैं जिन्हें वे नापंसद करते हैं. यही है वह मंच जहां सभी विचार एक साथ चल रहे हैं."

जकरबर्ग के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि Facebook ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी, वह उसके ठीक उलट है जो आज कई लोग कह रहे हैं.

 

उन्होंने कहा, "इस चुनाव में जितनी आवाजें उठीं, उतनी शायद पहले कभी नहीं उठीं. यहां अरबों विचारों का आदान-प्रदान हुआ जो कि ऑफलाइन हो पाना अंसभव था. हर मुद्दे पर बातचीत की गई, न कि सिर्फ उस पर जिसे मीडिया ने उठाया था."

गौरतलब है कि Facebook पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूस के एक लाख डॉलर के राजनीतिक विज्ञापन चले थे. इसे लेकर Facebook फर्जी खबरें चलाने को लेकर तमाम तरह के सवालों में घिरा हुआ है.

जकरबर्ग ने कहा,"यह पहला अमेरिकी चुनाव था जहां उम्मीदवारों ने इंटरनेट के जरिए लोगों के साथ संवाद किया. हर उम्मीदवार का अपना Facebook पेज था जिस पर वे अपने लाखों समर्थकों से रोजाना सीधे संवाद कर रहे थे. चुनाव अभियान में अपनी बात पहुंचाने के लिए आनलाइन विज्ञापन पर लाखों-करोड़ों खर्च किए गए. यह उन चुनाव विज्ञापनों से हजारों गुना अधिक थे जिन्हें हमने संदिग्ध पाया है."

एक व्यापक कानूनी और नीति समीक्षा के बाद, जकरबर्ग ने घोषणा की है कि वह 3,000 रूसी विज्ञापनों को कांग्रेस जांचकर्ताओं के साथ साझा करेगी.

कांग्रेस के नेताओं ने Facebook, Google और Twitter को एक पत्र भेजा है, जिसमें उनसे जानकारी देने के लिए अनुरोध किया गया है कि क्या रूस ने उनके प्लेटफॉर्म पर कोई विज्ञापन खरीदा था. अमेरिकी सीनेट की खुफिया समिति ने Facebook, Twitter और Google को पूछताछ के लिए बुलाया है.

जकरबर्ग के मुताबिक, "अमेरिकी चुनाव के बाद, मैंने यह टिप्पणी की थी कि मेरी यह सोच है कि यह विचार एक पागलपन भरा विचार है कि Facebook पर गलत सूचनाओं के जाने से चुनाव के नतीजे प्रभावित होंगे."

उन्होंने कहा, "मैंने इसे पागलपन कहते हुए खारिज कर दिया और मुझे इसका पछतावा है. यह इतना महत्वपूर्ण मुद्दा है कि इसे यूं ही खारिज नहीं किया जा सकता. लेकिन, हमारे आंकड़ों ने हमेशा यह दिखाया है कि हमारे व्यापक प्रभाव ने इस चुनाव में एक विशेष मामले में बहुत बड़ी भूमिका निभाई, वह यह कि इसने लोगों को एक आवाज दी जिससे वे उम्मीदवारों से सीधे जुड़ सकें."

First published: 28 September 2017, 20:34 IST
 
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