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आईएस के सेक्स स्लेव से यूएन गुडविल एंबेसडर बनने तक यजीदी लड़की की दर्दभरी दास्तां

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2016, 15:34 IST
(पत्रिका)

वो सिर्फ 19 साल की एक छात्रा थी, जब आईएसआईएस के आतंकियों ने 2014 में इराक के कोचो से उसका अपहरण कर लिया. आईएस आतंकियों ने उसके पूरे परिवार को उसकी आंखों के सामने कत्ल कर दिया और उसे उठाकर मोसुल ले गए.

वहां कई दिनों तक उसके साथ रेप किया गया. उनकी बात न मानने पर आतंकी उसको यातनाएं देते थे. एक बार जब उसने भागने की कोशिश की, तो उस रात पकड़े जाने के बाद छह आतंकियों ने उसके साथ तब तक रेप किया, जब तक वह बेहोश नहीं हो गई.

ये कहानी नादिया मुराद की है, जो तकरीबन तीन महीने तक आईएसआईएस की सेक्स गुलाम बनकर रही और बाद में वहां से सुरक्षित भागने में कामयाब रही. यह दर्द भरी दास्तां सुनकर यूएन के सिक्योरिटी काउंसिल के कई सदस्यों की आंखें भर आईं.

जर्मनी के स्टटगार्ट में शुक्रवार को हेग अतंरराष्ट्रीय कोर्ट में मानवाधिकार की वकील क्लूनी ने यजीदी कम्‍यूनिटी से ताल्‍लुक रखने वाली नादिया को गुडविल एंबेसडर बनाने का एलान किया. क्लूनी ने कहा कि बहादूर नादिया के साथ मिलकर हम आतंकियों के चंगुल से यजीदी महिलाओं और बच्चों को आजाद करा सकेंगे.

यूएन ने आधिकारिक एलान करते हुए कहा, "नादिया हमारे साथ मिलकर ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) के खिलाफ लड़ेंगी और इस बारे में लोगों के बीच जागरूकता लाएंगी."

नादिया की निजी वेबसाइट के मुताबिक, वह उन लोगों महिलाओं की मदद करना चाहती हैं  जो उसके ही जैसे भयानक दौर से गुजरी हैं. इसके अलावा जो महिलाएं मानव तस्‍करों के हाथों बर्बाद की गई हैं. वह ऐसी महिलाओं के लिए काम करना चाहती हैं.

इसमें उसने लिखा है कि यूएन से उसको जो सम्‍मान मिला है, अपना मुकाम हासिल करने में वह उसकी मदद करेगा.

साल 2016 में इराकी सरकार ने नादिया का नाम 2016 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया था. इसके अलावा उसे 15 सितंबर, 2016 को सखारोव पुरस्कार के लिए भी नॉमिनेट किया गया.

First published: 16 September 2016, 15:34 IST
 
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