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सात साल के बच्चे ने उड़ाई तालिबानी आतंकवादियों की नींद, उठाना चाहता है दिल दहला देने वाला कदम

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2019, 12:05 IST

अफगानिस्तान में एक सात साल के बच्चे ने तालिबानी आतंकवादियों की नींद उड़ा दी. उसके बाद तालिबान इस बच्चे की जान का दुश्मन बन गया. दरअसल, सात साल के मुर्तजा अहमदी करीब तीन साल पहले दुनिया की नजर के सामने आए थे. तब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था. इस वीडियो में मुर्तजा नीली सफेद रंग की पॉलीथिन की टी-शर्ट पहने फुटबाल खेलते हुए दिखाई दे रहे थे. इस टी-शर्ट पर कलम से मैसी लिखा हुआ था. दरअसल, ये टी-शर्ट उसके पिता ने पैसे के अभाव में उसका मन रखने के लिए उसको पहनाई थी.

इस वीडियो को पूरी दुनिया में बहुत असर हुआ. एक दिन इस वीडियो को अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोन मैसी ने भी देख लिया. इसके बाद मैसी ने UN की मदद से अपने नाम की एक टी-शर्ट और एक फुटबाल मुर्तजा अहमदी तक भिजवाई. जब मुर्तजा को ये सामान मिला तो जैसे उसका हर सपना साकार हो गया.

क्यों कि इस टी-शर्ट और फुटबॉल पर मैसी ने साइन भी किया था. इसके करीब एक साल बाद अहमदी की मैसी से मुलाकात हुई. ये मुलाकात कतर में उस वक्त हुई जब एक फ्रैंडली मैच की शुरुआत से पहले अहमदी मैदान पर ही मैसी से मिलने पहुंच गए. पूरी दुनिया ने उस वक्‍त मैसी को अपने सबसे बड़े और प्‍यारे फैन के साथ देखा और लोगों ने इसके लिए दोनों को ढेरों बधाई भी दीं.

अब यही छोटा सा बच्‍चा आतंकी संगठन तालिबान के निशाने पर है. तालिबान इसके खून का प्‍यासा हो रहा है. इस डर की वजह से अहमदी इस टी-शर्ट को नहीं पहन पाता. दरअसल, तालिबान खेल के सख्त खिलाफ है. इसी वजह से वो खेल और खिलाड़ियों का हमेशा विरोध करता है. यही नहीं जो इस खेल के लिए दिवानगी दिखाता है वो भी तालिबान की दुश्मनी मोल ले बैठता है.

अहमदी ने सीएनएन को एक दिन का जिक्र करते हुए बताया कि तालिबान ने उसके परिवार के कई सदस्‍यों को मार दिया. उसका कहना था कि तालिबान के लोग सभी कारों और घरों की तलाशी लेते रहे और गोली मारते रहे. उसके मुताबिक तालिबान फुटबाल खेलने की इजाजत नहीं देता है. इतना ही नहीं वह घर से बाहर भी नहीं जा सकता है.

अहमदी की मां शफीका भी तालिबान के खौफ में जीती हैं. वो बताती हैं कि जिस दिन से अहमदी फेमस हुआ है, तब से परिवार की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. वो हमेशा तालिबान के निशाने पर रहता है. यही नहीं तालिबान का मानना है कि मैसी ने अहमदी के परिवार की आर्थिक मदद की है. तालिबान के डर की वजह से शफीका ने अहमदी को स्‍कूल जाने से भी रोक दिया है.

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First published: 14 February 2019, 12:05 IST
 
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