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स्विट्जरलैंड में दुनिया की सबसे लंबी रेल सुरंग की सैर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

विश्व की सबसे लंबी तथा गहरी रेल सुरंग गोटहार्ड का आज स्विट्जरलैंड में उद्घाटन किया गया. इस सुरंग की लंबाई 57 किलोमीटर (35 मील) है और इसको बनाने में करीब 17 साल का समय लगा.

गोटहार्ड बेस सुरंग स्विट्जरलैंड के मध्य केंटन (प्रांत) उरी के इस्टफील्ड से शुरु होकर दक्षिण केंटन टिसिनो के बोडियो तक जाती है. गोटहार्ड रेल सुरंग के भव्य उद्घाटन समारोह में स्विस अधिकारियों के साथ-साथ जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री मैतो रेंज़ी भी मौजूद रहे.

57 किलोमीटर लंबी सुरंग

स्विट्जरलैंड के आल्पस के पहाड़ों के नीचे बनी गोटहार्ड रेल सुरंग से उत्तरी तथा दक्षिणी यूरोप को तेज गति वाली रेलवे लाइन से जोड़ा जा सकेगा. गोटहार्ड दुनिया की सबसे गहरी सुरंग है. ये धरातल से 2.3 किलोमीटर नीचे है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक है. इसके ऊपर ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं.

1947 में सबसे पहले स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने इसकी पहली डिजाइन बनाई थी. प्रोजेक्ट की बड़ी लागत, नौकरशाही प्रक्रियाओं में देरी और दूसरी अड़चनों की वजह से ये प्रोजेक्ट 1999 तक टलता गया.

तब से 17 साल में और 12 बिलियन डॉलर से ज्यादा की लागत से बनी गोटहार्ड बेस सुरंग अब आम लोगों के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है.

जापान की सुरंग को छोड़ा पीछे

उद्घाटन के बाद गोटहार्ड जापान की 53.9 किमी लंबी  'सेइकन रेल' पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बन गई. फ्रांस और ब्रिटेन को जोड़ने वाली 50.5 किलोमीटर लंबी चैनल सुरंग अब तीसरे स्थान पर आ गई है.

इस सुरंग को दिसंबर में पूरी तरह खोल दिया जाएगा. इस दोहरी सुरंग से रोजाना 260 मालगाड़ियां और 65 यात्री ट्रेन गुजरेंगी. इस ट्रैक पर ट्रेन 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.

12.5 अरब डॉलर की लागत से बने इस रेल सुंरग प्रोजेक्ट को 1992 में स्विट्जरलैंड में एक रेफरेंडम के जरिए बनाने का फैसला लिया गया था. इस रेल सुरंग के शुरू होने से ज्यूरिख और मिलान के बीच सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा में लगने वाला समय एक घंटे घटकर दो घंटे 40 मिनट का रह जाएगा.

9 मजदूरों को गंवानी पड़ी जान

अब तक इस रास्ते पर जो सुरंग थी वह 1980 में शुरू हुई थी. उसका रास्ता घुमावदार था. गोटहार्ड बेस सुरंग का रास्ता एकदम सीधा है. इस सुरंग को बनाने के लिए 73 अलग-अलग तरह की चट्टानें तोड़ी गईं जिनमें से कुछ ग्रेनाइट जैसी कठोर थीं तो कुछ चीनी जैसी नरम थीं.

सुरंग को खोदने में 410 मीटर लंबी ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल हुआ है. सुरंग बनाने के दौरान 28 टन पत्थर निकला गया. सुरंग को बनाने के लिए कुल 2600 लोगों ने दिन-रात काम किया.आंकड़ों के मुताबिक सुरंग बनाने के दौरान 9 मजदूरों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी.

First published: 1 June 2016, 6:09 IST
 
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