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ग्रेटर नोएडा से ग्राउंड रिपोर्ट: 'नाइजीरियाई लोगों के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2017, 17:01 IST
(फेसबुक)

अफ्रीकन छात्रों को लेकर देश में अक्सर एक ख़ास तरीके का पूर्वाग्रह सामने आ जाता है. चाहे दक्षिणी दिल्ली के वे इलाके हों जहां नाइजीरिया, घाना, सूडान और कांगो जैसे अफ्रीकी देशों के लोग रहते हों या ग्रेटर नोएडा में रहने वाला अफ्रीकी छात्रों का तबका. बिना किसी पुख्ता जांच या सबूत के स्थानीय लोग ये मान लेते हैं कि वे ड्रग्स और देह व्यापार जैसे गैर-कानूनी धंधों से जुड़े हैं. शायद लोगों को पुलिस या न्यायिक व्यवस्था की प्रक्रिया का इंतज़ार नहीं रहता.

एक बार फिर उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा अफ्रीकी मूल के छात्रों को लेकर विवादों में है. शुक्रवार को शाम साढ़े सात बजे यहां की एनएसजी सोसाइटी से बारहवीं का छात्र मनीष खारी पहले लापता हो गया और जब लौटा तो उसकी हालत ठीक नहीं थी. शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक बगल के एक घर छोड़कर रहने वाले पांच नाइजीरियाई छात्रों का उसकी मौत में हाथ है.

मामला विदेश मंत्रालय तक पहुंच चुका है. सुषमा स्वराज ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात भी की है. ऐसे में कैच ने मामले की पड़ताल करने की कोशिश की. ग्रेटर नोएडा की एनएसजी सोसाइटी से कैच की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट:

एनएसजी सोसाइटी के इसी बी-14 फ्लैट में पांचों आरोपी नाइजीरियाई छात्र रह रहे थे. (कैच)

सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड से बातचीत

कैच की टीम के आशीष राणा और अमितेश गौरव ने ग्रेटर नोएडा की एनएसजी सोसाइटी पहुंचकर ज़मीनी हक़ीक़त जानने की कोशिश की. एसोसिएशन ऑफ अफ्रीकन स्टूडेंट्स इन इंडिया ने रविवार को कासना कोतवाली पर कई घंटे विरोध प्रदर्शन किया था. ऐसे में हमने सोसाइटी में रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ ही नाइजीरियाई युवकों का पक्ष जानने का प्रयास किया. 

जब हम एनएसजी सोसाइटी के गेट पर पहुंचे तो हमारी सबसे पहली मुलाकात सोसाइटी के गार्ड अनिरुद्ध सिंह से हुई. उन्होंने बातचीत में इलाके के लोगों से जुदा राय जाहिर करते हुए कहा, "यहां ऐसा कोई हादसा हुआ ही नहीं पहले. तीन महीने से हम यहां पर हैं."

जब कैच की टीम ने कुरेदकर यह जानने की कोशिश की कि क्या पहले नाइजीरियाई छात्रों के बारे में कोई शिकायत थी, तो उन्होंने कहा, "नहीं-नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ पहले. सुनते को मिलता रहा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. यहां बी-12 नंबर के फ्लैट में दो और नाइजीरियाई लड़कियां रह रही हैं. उनसे कोई मिलने-जुलने भी नहीं आता है. उनके बारे में कैसे बोल सकते हैं. उनकी सहेलियां भी कभी मिलने नहीं आतीं. मगर इन लोगों (बी-14 में रहने वाले नाइजीरियाई छात्र) के दोस्त आते थे."

एक साल से सीसीटीवी खराब

इस दौरान अनिरुद्ध सिंह ने बताया, "केस ये बता रहे हैं कि नाइजीरियन ने ड्रग्स देकर मारा है. या डॉक्टर की रिपोर्ट बता रही होगी. हम इस बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं. ये लोग डॉक्टर की रिपोर्ट बता रहे हैं. हम तो अपने गेट पर रहते हैं. गेट पर आने-जाने वालों की एंट्री करते हैं."

 एनएसजी सोसाइटी की एक खामी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "यहां जो अंदर रहने वाले लोग हैं उनकी एंट्री नहीं होती थी. एक तारीख को मेरा कॉन्ट्रेक्ट शुरू हुआ ब्लैक ईगल का. उसके एक साल पहले से सीसीटीवी कैमरे ख़राब पड़े हुए हैं. काम नहीं करते हैं. काले रंग की गाड़ी में उनके (नाइजीरियाई छात्रों के) कुछ दोस्त आते थे."

बाहरी लोगों का रजिस्टर में नाम दर्ज करने के सवाल पर अनिरुद्ध ने बताया, "अगर सोसाइटी में कोई रहने वाला है अगर उसके साथ कोई बाहरी आता है तो एंट्री नहीं करते हैं. गाड़ी पर सोसाइटी का स्टिकर लगा है तो क्या कर सकते हैं. आप यहां के रहने वाले हो. आप किसी डकैत-बदमाश को लेकर आ रहे हो तो हम क्या कर सकते हैं.?"    

'तीन महीने में कोई उपद्रव नहीं'

अनिरुद्ध ने नाइजीरियाई छात्रों के बारे में कहा, "लोग बताते हैं कि ड्रग्स वगैरह बेचते हैं. हमें तो इस बारे में नहीं पता. सोसाइटी में इससे पहले केस नहीं हुआ. हम तीन महीने से हैं. हमने कोई केस नहीं कराया. कभी यहां कोई उपद्रव होता ही नहीं है."

दिवंगत छात्र मनीष के बारे में पूछने पर गार्ड अनिरुद्ध ने कहा, "बी-14 में नाइजीरियन रह रहे थे और बी-16 में बच्चा रह रहा था. हमने तो लड़के को बीड़ी पीते भी नहीं देखा. किसी यार-दोस्त के साथ ज्यादा घूमते भी नहीं देखा. अपने पढ़ाई अपने घर से मतलब था." 

बहरहाल नाइजीरियाई छात्र मोहम्मद शाकिर, उस्मान अब्दुल कादिर, सईद कबीर, अब्दुल उस्मान और सईद अबू वकार के खिलाफ कासना कोतवाली में केस तो दर्ज है, लेकिन कोई भी नतीजा निकालने से पहले ग्रेटर नोएडा पुलिस की जांच का इंतज़ार करना बेहतर होगा.

एनएसजी सोसाइटी के बी-16 नंबर फ्लैट में 12वीं का छात्र मनीष खारी रहता था.
First published: 28 March 2017, 14:35 IST
 
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