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हाई प्रोफ़ाइल फर्ज़ी ट्विटर हैंडल से हलकान हुआ पाकिस्तान

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 December 2016, 8:31 IST
(मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • पाकिस्तानी सरकार के बड़े और ज़िम्मेदार अधिकारियों के नाम से बने फर्ज़ी ट्वीटर हैंडल परेशानी का सबब बन गए हैं. 
  • अधिकारियों के नाम से बार-बार फ़िज़ूल की जानकारी ट्वीट की जा रही है. साथ ही, कई बार ऐसे ट्वीट भी किए जा रहे हैं कि अधिकारियों को सामने आकर सफ़ाई देनी पड़ रही है. 

पाकिस्तान हुक़ूमत इस वक़्त एक अजोबीगरीब मुसीबत से जूझ रही है. मुसीबत है पाकिस्तानी सरकार में बड़े ओहदों पर काबिज़ अफ़सरों के फर्ज़ी ट्वीटर हैंडल. इनमें से एक अमेरिका स्थित पाकिस्तानी राजदूत का भी है. इन हैंडलों से फर्ज़ी, फ़िज़ूल और बेवकूफ़ी, मस्ती भरे ट्वीट्स करके पाकिस्तानी अफ़सरों के लिए परेशानी खड़ी की जा रही है. हालत यह हो गई है कि अब मूल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर बताया जा रहा है कि हम असली हैं और वे नकली. 

ट्वीटर हैंडल @PakinUSA ने ख़ुद को पाकिस्तान का वाशिंगटन स्थित राजदूत बताया है. इस एड्रेस से अनाप-शनाप ट्वीट की जा रही हैं. इस हैंडल ने जब हद कर दी तो वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी राजदूत के मूल हैंडल @PakEmbassyDC ने सामने आकर सफ़ाई दी कि @PakinUSA एक फर्ज़ी अकाउंट है.

मूल हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है, 'ध्यान दें, अमरीका में पाक दूतावास का अकाउंट @pakinUSA फर्ज़ी है और उसका वाशिंगटन डीसी स्थित पाक दूतावास से कोई संबंध नहीं है. फर्ज़ी हैंडल का असली हैंडल @JalilJilani से कोई संबंध नहीं है. जलील जिलानी अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत हैं. 

@aziz_sartajpk के नाम से भी एक फर्ज़ी हैंडल है. इस हैंडल का दावा किया है कि यह प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के सलाहकार सरताज अजीज का ट्वीटर हैंडल है. इससे भी सोशल मीडिया पर जानकारियां साझाकर यूज़र्स को बेवकूफ़ बनाने की कोशिश की जाती है. इसी तरह के दो  हैंडल @_dgisi और @NSAJanjua_PK हैं. इन दोनों हैंडल का काम सिर्फ़ भारत के बारे में भ्रामक जानकारियां फैलानी होती हैं. 

फंस सकते हैं आम यूज़र्स

@PakinUSA काफ़ी स्मार्ट ट्विटर हैंडल है. 27 नवम्बर को इसने ओहियो हमले से जुड़ी जानकारी ट्वीट कर एक झूठी कहानी फैलानी शुरू कर दी. इसमें कहा गया था कि किस तरह ओहायो हमले के बाद पुलिस ने वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास की तलाशी ली है. हमलावर अब्दुल रज़क अली और आईएसआई के कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है.  

इसके बाद वास्तविक हैंडल @AzizSartajPK को इसका खंडन करना पड़ा था. मूल हैंडल से हुए ट्वीट में कहा गया है कि एफबीआई अहियो हमलावर अब्दुल रजक अली के किसी आईएसआई लिंक की जांच नहीं कर रही है. 

एफबीआई ओहायो हमलावर और सोमालियाई मूल के अब्दुल रजक अली के तार अल क़ायदा से तलाश रही है. एफबीआई यह भी तफ़्तीश कर रही है कि क्या अली ने कुछ समय पाकिस्तान में बिताया था. 

इस फर्ज़ी अकाउंट ने सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में हुए एक कथित प्रदर्शन की फोटो पोस्ट की. इस फोटो का कैप्शन था, 'न्यूयार्क में कल डोनाल्ड ट्रंप विरोधी मुसलमानों के प्रदर्शन में मैंने भाग लिया. इस विरोध प्रदर्शन में अमरीका के अलग-अलग हिस्सों से आए मुसलमान शामिल हुए. इसी तरह एक अन्य फोटो में पाकिस्तानी राजदूत को एक अश्वेत महिला के साथ खड़ा दिखाया गया है. इस फोटो का कैप्शन है, 'अमरीका का अश्वेत समुदाय कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के साथ खड़ा है.' 

27 नवम्बर को पाकिस्तानी राजदूत के फर्ज़ी अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि उन्हें एक रसोइया चाहिए जो खीर और खिचड़ी पकाने की कला में पारंगत हो. 

केजरीवाल और ममता को फर्ज़ी सम्मान

फर्ज़ी अकाउंट @AzizSartajPK ने भारत के कुछ राजनेताओं से जुड़े ट्वीट भी किए हैं. एक ट्वीट में अरविन्द केजरीवाल को इस बात के लिए बधाई दी गई है कि उन्होंने लाहौर में आयोजित वर्ल्ड आर्म्स एक्सपो में शामिल होना कुबूल कर लिया है. फर्ज़ी ट्वीट में केजरीवाल और और ममता बनर्जी को 'गा़र्ड ऑफ ऑनर' से भी सम्मानित करने की पेशकश की गई है. 18 अक्टूबर को किए गए एक ट्वीट में तो अमेरिका में मौजूद पाकिस्तानी राजदूत जलील जिलानी के साथ काफ़ी क्रूर मज़ाक किया गया है. इस ट्वीट में लिखा है कि किस तरह जिलानी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से मिल गए हैं और पाकिस्तान के खिलाफ झूठे फ्लैग आपरेशन की साजिश रच रहे हैं.

इसी तरह डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद फर्ज़ी हैंडल @AzizSartajPK से कहा गया, 'आधिकारिक घोषणा: पाकिस्तान सरकार अमरीका के साथ अपने सभी रिश्ते ख़त्म करने जा रही है क्योंकि अमरीका ने अपने नए राष्ट्रपति के रूप में एक धर्मान्ध व्यक्ति को चुन लिया है. फर्ज़ी हैंडल @NSAJanjua_PK समेत कइयों ने इस कथित आधिकारिक घोषणा की तारीफ की थी. 

@NSAJanjua_PK ने जवाब में लिखा, 'मैं खुश हूं कि आपने इस आधिकारिक घोषणा के लिए ट्वीटर को चुना. @AzizSartajPK से यह भी कहा गया है कि भारत के साथ होने वाली अगली द्विपक्षीय बातचीत मे सोनम गुप्ता का मुद्दा ज़रूर उठाएं. 

बहरहाल, पाकिस्तान इस परेशानी से निपटने के लिए भारत से कुछ सीख सकता है जहां फेसबुक और ट्वीटर हैंडल वेरिफाइड हैं ताकि आम यूज़र्स फर्जी हैंडल और कमेन्ट्स के झांसे में नहीं आएं. 

First published: 1 December 2016, 8:31 IST
 
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