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ओमान सागर में तेल टैंकरों पर हमला, रास्ता बंद हुआ तो मुश्किल में पड़ सकते हैं पश्चिमी देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 June 2019, 12:09 IST

ईरान ने शुक्रवार को ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के आरोपों को खारिज किया है. अमेरिका का कहना था कि तेल टैंकरों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ है. गुरुवार को ओमान सागर में दो टैंकरों में आग की भयानक लपटें देखी गई थी. इस मार्ग से दुनिया का 40 फीसदी से ज्यादा तेल सप्लाई किया जाता है. इस हमले के बाद अमेरिकी क्रूड की कीमतों में उछाल देखा गया है.

गुरुवार को सिंगापुर के स्वामित्व वाले कोकुका शौर्य पर 23 चालक दल के सदस्य सवार थे और 23 लोग नॉर्वे के स्वामित्व वाले टैंकर फ्रंट अल्टेयर पर थे. हालांकि इन सभी को बचा लिया गया. इस घटना ने तेल की कीमतें 4 फीसदी तक बढ़ा दीं और ईरान और अमेरिका के बीच एक नए टकराव की आशंका पैदा हो गई है.

 

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ईरान पर इन गैर-जिम्मेदार हमलों का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा "यह आकलन खुफिया जानकारी और हथियारों के इस्तेमाल के आधार पर किया गया है''. आशंका यह भी जताई जा रही है कि अगर यह तेल मार्ग सुरक्षित नहीं रहा तो पश्चिमी देशों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है.

हालांकि माइक पोम्पिओ ने हमले के पीछे ईरान के होने का कोई सबूत नहीं दिया. ईरान के इनकार के बाद अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ईरान हमले में शामिल था. तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह घटना सामने आई है. ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने गुरुवार की घटनाओं को ट्विटर पर संदिग्ध बताया, यह देखते हुए कि वे जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे की तेहरान यात्रा के दौरान हुए थे.

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First published: 14 June 2019, 12:09 IST
 
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