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यहां के स्कूलों में गन लेकर बच्चों को पढ़ाएंगे टीचर, जानिए क्या है इसकी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2018, 10:12 IST

क्या आपने कभी किसी टीचर को बंदूक लेकर किसी बच्चे को पढ़ाते देखा है. अगर आपका जवाब ना में है तो कोई बात नहीं, क्यों कि ऐसा नजारा दुनियाभर में किसी ने नहीं देखा, लेकिन अब अमेरिका के स्कूलों में ये बात आम होने वाली है जब स्कूल के अंदर टीचर बच्चों को पढ़ाते वक्त बंदूक लिए होंगे. ये फैसला खुद ट्रंप सरकार ने लिया है.

दरअसल, अमेरिका के स्कूलों में पिछले कुछ सालों में गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं. इन्हीं घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इस तरह का फैसला लिया गया है. जिससे स्कूल के अंदर छात्रों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा सकें. इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर एक आयोग का गठन किया गया है.

इस आयोग ने शिक्षकों को बंदूक थमाने के साथ ही पूर्व सैनिकों को गार्ड के पद पर रखने की सिफारिश की है. हालांकि आयोग ने बंदूक खरीदने की न्यूनतम आयुसीमा में वृद्धि से भी इनकार कर दिया है. उसका तर्क है कि स्कूलों में गोलीबारी करने वाले ज्यादातर छात्रों को बंदूक उनके परिजनों या दोस्तों से हासिल होती है.

बता दें कि इसी साल फरवरी में फ्लोरिडा के मेर्जरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने 17 छात्रों को गोलियों से भून दिया था. इसके बाद ट्रंप ने शिक्षामंत्री बेस्टी डावोस के नेतृत्व में ‘स्कूल सेफ्टी पैनल’ का गठन किया था. इस घटना ने दुनिया भर को झकझोर कर रख दिया था. उसके बाद अमेरिका में बंदूक रखने की संस्कृति पर नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए.

बीते मंगलवार को ट्रंप को सौंपी 180 पन्नों की रिपोर्ट में आयोग ने स्कूल में तैनात विभिन्न कर्मचारियों को बंदूक से लैस करने का सुझाव दिया. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों को ज्यादा लाभ होगा, क्योंकि वहां पुलिस को पहुंचने में अधिक समय लग सकता हैइस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शिक्षा विभाग गार्ड सहित अन्य पदों पर सेना और पुलिसबल से सेवानिवृत्त होने वाले अफसरों की तैनाती कर सकता है. ये अफसर न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने में मददगार साबित होंगे, बल्कि प्रभावी शिक्षक भी बनकर उभर सकते हैं.

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First published: 20 December 2018, 10:12 IST
 
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