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गुप्ता भाइयों ने दक्षिण अफ्रीका में अपना कारोबार बेचने का एलान किया

सादिक़ नक़वी | Updated on: 31 August 2016, 7:24 IST
(गेट्टी इमेजेज)

दक्षिण अफ्रीका में सबसे संपन्न परिवारों में शुमार और राष्ट्रपति जैकब जुमा से अपने रिश्तों के कारण चर्चा में आए गुप्ता भाइयों-अजय, अतुल और राकेश ने अफ्रीका में अपना कारोबार बेचने का एलान किया है.

दरअसल उन पर कई तरह के आरोप हैं, और भी कई आरोप लगने की आशंकाएं हैं. आसन्न संकट को देखते हुए मैदान छोड़कर भाग जाने के उनके इस निर्णय से विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक अलायंस के सांसद डेविड मेनियर काफी खुश हैं.

गुप्ता भाइयों के साथ नजदीकी और भ्रष्टाचार में उनका साथ देने के कारण राष्ट्रपति जुमा पर लगे आरोप से द. अफ्रीका में राष्ट्रीय विवाद गहरा रहा है.

खबरों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका की सत्ताधारी पार्टी अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस का हाल के स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन रहा है. जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक अलायंस ने जोहानिसबर्ग में उससे बढ़त बनाई है.

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इससे पहले गुप्ता परिवार को पक्षपातपूर्ण सौदे देने के आरोप में जुमा के खिलाफ आंदोलन को अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस ने धीमा कर दिया था.

मूलत: पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता भाई 2013 में तब चर्चा में आए जब समाजवादी पार्टी के प्रभावी नेता आजम खान और शिवपाल यादव सहित 217 व्यक्तियों को लेकर एक चार्टर्ड जेट गुप्ता परिवार की शादी में शरीक होने संवेदनशील एयर फोर्स बेस वॉटर्कलूफ में उतरा. इस बात से कि एयर फोर्स बेस पर उतरने की इजाजत किसी और ने नहीं, बल्कि राष्ट्रपति जुमा ने ही दी होगी, पूरे देश में हलचल मच गई.

अपने कारोबार को बेचने का निर्णय उन्होंने भविष्य में अपने कारोबार पर पड़ने वाले प्रभावों के मद्देनजर लिया है

जुमा के साथ इस परिवार की नजदीकी से सभी वाकिफ हैं. जुमा की एक पत्नी बोंगी नगेमा जुमा गुप्ता परिवार के लिए जेआईसी खनन सेवाओं को बतौर कम्यूनिकेशन अधिकारी देख रही थीं, जबकि उनकी बेटी डुडुजिले जुमा, अफ्रीकन देश में उनकी प्रमुख फर्म सहारा कंप्यूटर्स में निदेशक के तौर पर काम करती थीं. राष्ट्रपति का एक बेटा डुडुजेन जुमा कंपनियों के समूह में से एक का निदेशक है.

अपने कारोबार को बेचने का निर्णय उन्होंने भविष्य में अपने कारोबार पर पड़ने वाले प्रभावों के मद्देनजर लिया है. केवल उनके कारोबार की वित्तीय स्थिति पर आशंका के कारण तहकीकात नहीं की जा रही है, बल्कि इसलिए भी कि वे राष्ट्रपति जुमा सहित अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के नेताओं के साथ नजदीकी होने के कारण राजनीतिक नियुक्तियों में दखल दे रहे हैं.

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इस साल अप्रैल में ये भाई दुबई चले गए थे, जिससे यह आशंका बढ़ी कि वे जांच के डर से भाग गए हैं. तब भाइयों ने ग्रुप कंपनियों में सभी ऑफिशियल पोजिशंस को छोड़ दिया था. अप्रैल में कई शीर्ष राजनेताओं ने आरोप लगाया कि गुप्ता भाइयों ने उनसे दक्षिण अफ्रीकी सरकार में शेयर के ऑफर के साथ संपर्क किया था.

उप वित्त मंत्री मैक्बेसी जोनास और वरिष्ठ सांसद वीत्जे मेंटर ने दावे के साथ कहा कि यदि वे गुप्ता परिवार के कारोबार को बढ़ावा देने में मदद करने को राजी होते हैं, तो परिवार ने उन्हें जुमा मंत्रिमंडल में ऊंची नौकरियों पर तरक्की के ऑफर देने के लिए कहा.

गुप्ता भाइयों का कहना है, 'परिवार के तौर पर हम मानते हैं कि यही सही समय है जब हमें दक्षिण अफ्रीका के बिजनेस में अपने शेयर से निकल जाना चाहिए, जिससे हमारे मौजूदा कर्माचारियों को फायदा होगा और बिजनेस में बाद में उन्नति होगी.'

परिवार ने आगे कहा, 'वैसे तो हमने इस साल के अंत तक दक्ष्रिण अफ्रीका में अपने शेयर बेचने की अपनी मंशा जाहिर कर दी है. कई भावी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से हमारी बात चल रही है और जल्द आगे की घोषणाएं करने की स्थिति में होंगे.' यह दावा कि इस निर्णय से कर्मचारियों को लाभ होगा, गलत है, कम से कम परिवार के एक उद्यम-एएनएन7 चैनल के लिए, जहां कई कर्मचारियों को हाल में निकाला गया है.

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गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका में हुए इंडियन प्रीमियर लीग को संपन्न करवाने में भी मददगार रहे

सूचना तकनीक के महारथी सहारा कंप्यूटर्स और ओकबे इनवेस्टमेंट्स, खनन (जेआईसी खनन सेवाएं और ओकबे संसाधन और ऊर्जा), मीडिया (द न्यू एज न्यूजपेपर और एएनएन7 न्यूज टीवी, जिसे वे भारत के एस्सेल मीडिया ग्रुप के साथ चलाते हैं), निर्माण (वीआर लेजर सेवाएंस और क्लिफटॉप लॉज के साथ लेशर) के कई प्राइवेट इक्विटी इंवेस्टमेंट्स और संयुक्त उद्यमों में शेयरहोल्डर हैं.

वेबसाइट के मुताबिक ओकबे के लेशर और रियल एस्टेट में भी शेयर हैं, और जोहानिसबर्ग, डरबन, केपटाउन और रस्टनबर्ग जैसे कई स्थानों पर उनकी बड़ी संपत्तियां हैं. गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका में हुए इंडियन प्रीमियर लीग को संपन्न करवाने में भी मददगार रहे.

अप्रैल में ऑडिटर केपीएमजी, एक्सचेंज ऑफर ससफिर्फ, और बैंकर्स एफएनबी और आबसा ने अपनी इज्जत पर आंच आने के डर से ओकबे के साथ अपने संबंध तोड़ दिए. जहां समूह और उसकी नजदीकी की जांच दक्षिण अफ्रीकी पुलिस की खास ईकाई हॉक कर रहा है, वहीं एएनसी ने भी जुमा और उनके परिवार के साथ संबंधों की जांच शुरू कर दी है.

उन पर आरोप है कि गुप्ता भाई जुमा के साथ अपने संबंधों और दूसरे मित्र, जो इन कंपनियों के बोर्ड पर काम करते हैं, के जरिए सरकारी कंपनियों के कई निर्णयों पर अपना दखल रखते हैं. 

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दक्षिण अफ्रीका की एक वेबसाइट के मुताबिक सलीम ईसा, जो लंबे समय से गुप्ता परिवार के हमराज हैं, के बारे में कहा जाता है कि उनके एसकॉम ट्रांसनेट जैसी सरकारी कंपनियों और खनिज संसाधन विभाग के कई बड़े प्रबंधकों के साथ संबंध हैं.

First published: 31 August 2016, 7:24 IST
 
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