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अमेरिका में 'हाउडी मोदी' पर बड़ी राजनीति, राष्ट्रपति उम्मीदवार सैंडर्स ने क्या लिखा ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 September 2019, 22:18 IST

अमेरिका के ह्यूस्टन में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप हाउदी मोदी समारोह में शामिल हो रहे हैं. ह्यूस्टन के NRG स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में तकरीबन 50,000 लोगों के आने की संभावना है. इस समारोह में भारतीय अमेरिकियों के बड़ी संख्या शामिल है. आयोजकों का दावा है कि इस समारोह में 50 अमेरिकी लॉ मेकर भी शामिल हो रहे हैं. इस समारोह को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी सम्बोधित करेंगे. हालांकि ख़बरों की माने तो 'हाउडी मोदी' रैली के दौरान विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है.

द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार अलगाववादी खालिस्तानी और कश्मीरी समूहों और पाकिस्तान समर्थित संगठन अलायंस फॉर जस्टिस फॉर अकाउंटेबिलिटी से जुड़े लोगों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि वह इस दौरान प्रदर्शन करेंगे. इनमें हिंदू, मुस्लिम, दलित, सिख और ईसाई समूह और एक अमेरिकी यहूदी समूह शामिल हैं. समारोह स्थल के बहार बेरिकेट्स भी लगाए गये हैं.


 

जम्मू- कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने और मानव अधिकारों के उल्लंघन की रिपोर्ट के मद्देनजर लुबाह अब्दुल्ला, ह्यूस्टन में अमेरिकी-इस्लामी संबंध परिषद (CAIR) के कार्यकारी निदेशक ने अमेरिकी अधिकारियों को उपस्थित नहीं होने का आह्वान किया. समारोह से पहले ट्रम्प ने कहा 'ह्यूस्टन में अपने दोस्त के साथ रहूंगा. टेक्सास में यह एक बड़ा दिन होगा.' पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया कि यह वाकई एक जबरदस्त दिन होगा.

 

रविवार की सुबह NRG स्टेडियम के बाहर फुटपाथ पर प्रदर्शनकारियों की संख्या भी देखी गई. इन लोगों ने ह्यूस्टन क्रॉनिकल में प्रकाशित डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स के एक संपादकीय का स्वागत किया जिसने इस समारोह की आलोचना की गई थी. हालांकि कई लोग इसे ट्रंप द्वारा अमेरिकी भारतीयों का वोट पाने की कवायद भी माना जा रहा है.

सैंडर्स ने संपादकीय में लिखा "जब राष्ट्रपति ट्रम्प ह्यूस्टन में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलते हैं, तो हम अमेरिकी और भारतीय लोगों के बीच दोस्ती के बारे में बहुत कुछ सुनेंगे. हालांकि जब हमारी आंखों के सामने एक मानवाधिकार संकट सामने आता है''.

मोदी ने शनिवार शाम को ह्यूस्टन के पोस्ट ओक होटल में कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं के एक समूह से मुलाकात की, जिन्होंने सरकार के अनुच्छेद 370 को रद्द करने का जिक्र किया. उनके आगमन के कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री के साथ विभिन्न समुदायों के लोगों ने मुलाकात की, जिनमें गुजराती बोहरा मुस्लिम समुदाय और अमेरिका में सिख समुदाय शामिल थे.

First published: 22 September 2019, 21:37 IST
 
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