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कंगाली के कगार पर पहुंचे पाकिस्तान को IMF ने दिया बड़ा झटका, अब पड़ेगी महंगाई की जबरदस्त मार

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2019, 17:48 IST
(AP)

पाकिस्तान को अपनी आतंक परस्ती की कीमत चुकानी पड़ेगी जिसकी शुरुआत हो चुकी है. एक ओर आर्थिक तंगी और महंगाई से परेशान पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब सहित विश्व के कई देशों के सामने हाथ फैला चुका है इसके बाद जो रकम मिली भी वो नाकाफी थी. अब पाक को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) से मदद मिलने मिलने की उम्मीद थी लेकिन इसमें भी अब शंका है और मिलने वाले राहत पैकेज में देरी हो सकती है.

कंगाली के कगार पर पाकिस्तान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IMF ने पाकिस्तान से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गालियारे (CPEC) की जानकारी मांगी है, लेकिन पाकिस्तान यह जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहता क्योंकि चीन का इस मामले पर दवाब है. अब IMF ने इसकी जानकारी के साथ-साथ इस बात की भी गारंटी की मांग की है कि पाकिस्तान राहत पैकेज की राशि का इस्तेमाल चीन को कर्ज की किश्तें चुकाने में नहीं करेगा.पैकेज में देरी हुआ तो पीएम इमरान भी पाकिस्तान को कंगाली के कगार तक जाने से रोक नहीं सकते.


पाकिस्तान के डॉन अखबार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि राहत पैकेज को अंतिम रूप देने के लिये पाकिस्तान दौरे पर आने वाले आईएमएफ दल के आने की योजना टल सकती है. दोनों पक्ष अनुबंध की अंतिम शर्तों पर गहन चर्चा कर रहे हैं.

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने कहा था कि IMF का एक दल विश्वबैंक के साथ ग्रीष्मकालीन बैठक के तुरंत बाद यहां आने वाला है.। असद उमर ये भी ने कहा था कि अप्रैल महीने के अंत राहत पैकेज पर हस्ताक्षर हो जाएंगे. सूत्रों ने कहा, ‘अब आईएमएफ का दल अप्रैल के बजाय मई में यहां आ सकता है।’

आर्थिक संकट में पाकिस्तान

पाकिस्तान में महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, 180 रूपये प्रतिलीटर दूध बिकने की खबर से वहां की महंगाई का अंदाजा लगाया जा सकता है इसके साथ ही शब्जी सहित रोजमर्रा के अन्य सामान भी महंगे बिक रहे हैं. पाकिस्तान लगातार चीन से कर्ज ले रहा है. इसके अलावा पाकिस्तान अपनी संपत्ति बेचकर भी पूंजी जुटा रहा है. पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को पनाह देने के कारण दुनिया भर में उसकी शाख खराब हुई है और उसे कोई कर्ज नहीं देना चाहता है.

First published: 15 April 2019, 17:11 IST
 
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