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नेपाल: संकट में ओली सरकार, प्रचंड ने लिया समर्थन वापस

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2016, 11:36 IST
(कैच)

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी-सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने सोमवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया.

दैनिक अखबार 'काठमांडू पोस्ट' के मुताबिक, पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने ओली को एक पत्र लिखकर समर्थन वापस लेने के बारे में पार्टी का फैसला बताया.

ओली सरकार से समर्थन वापसी का पत्र लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता जनार्दन शर्मा और हितराज पांडे प्रधानमंत्री अवास 'बालुवाटार' और राष्ट्रपति आवास 'शीतल निवास' गए.

पार्टी के एक अन्य नेता कृष्ण बहादुर महारा पत्र लेकर नेपाली संसद की अध्यक्ष ओनसारी घारती मागर के पास गए.

काठमांडू पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक, पत्र में कहा गया है कि मौजूदा सरकार से समर्थन वापस लेने का सीपीएन(एम-सी) उद्देश्य नई सरकार के गठन के लिए है.

सीपीएन (एम-सी) ने राष्ट्रीय सहमति वाली सरकार के गठन हेतु पहल शुरू करने के लिए अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड को अधिकृत किया है.

पिछले रविवार को हुई एक बैठक में सत्ताधारी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) से पहले उनके साथ हुए सभी समझौतों को पूरी तरह लागू करने को कहा गया था.

इससे पहले गत पांच मई को भी ओली की सरकार पर संकट मंडराने लगा था, जब सीपीएन (एम-सी) ने सरकार से अलग होने का नोटिस दिया था. 

प्रचंड ने ओली को अपने नेतृत्व में सरकार में शामिल होने को कहा था, क्योंकि मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने सीपीएन (एम-सी) के नेता को समर्थन देने का फैसला किया था.

नेपाली कांग्रेस सदन में सबसे बड़ी पार्टी है. प्रचंड को संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा (यूडीएमएफ) का भी समर्थन मिला था.

First published: 13 July 2016, 11:36 IST
 
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