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तस्वीरें: रात भर जागा तुर्की और जिंदा रहा लोकतंत्र

प्रियता ब्रजबासी | Updated on: 17 July 2016, 8:51 IST

तुर्की में राष्ट्रपति रैचेप तैयप एर्दोआन की अपील के बाद देश की जनता रात भर सड़कों पर डटी रही, नतीजतन वहां सैन्य तख्तापलट की कोशिश नाकाम हो गई. रात की नींद गंवाकर तुर्की के लोगों ने लोकतंत्र में सांसें लेने का हक अपने हाथ से जाने नहीं दिया.

सेना के एक विद्रोही गुट ने शुक्रवार रात को टेलीविजन प्रसारण में कहा था कि देश पर पीस काउंसिल का नियंत्रण है. कर्फ्यू और मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है. इसके बाद इस्तांबुल शहर में जनता राष्ट्रपति रैचप तैयप एर्दोआन और सरकार के समर्थन में सड़कों पर उतर गई.

इससे बौखलाए सेना के बागी गुट ने सड़कों पर जमा भीड़ पर गोलियां बरसाईं. हिंसक झड़पों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन जनता के संघर्ष की बदौलत वहां लोकतंत्र की जीत हुई है.

सेना के एक विद्रोही गुट ने टेलीविजन प्रसारण में तख्तापलट का एलान किया

इस्तांबुल में बॉसपोरस पुल को कब्जे में लिए सैनिकों की टुकड़ी ने आत्मसमर्पण कर दिया है. ये लोग सेना के उस विद्रोही समूह का हिस्सा हैं, जिसने मुल्क में तख्तापलट की कोशिश की थी. 50 विद्रोही सैनिकों ने हथियार डाल दिए.

राष्ट्रपति रैचेप तैयप एर्दोआन ने देश की जनता से संघर्ष की अपील की

तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयप एर्दोआन ने तख्तापलट के प्रयास को देशद्रोह करार दिया. वो पुलिस सुरक्षा में सुरक्षित इस्तांबुल पहुंच गए. इस्तांबुल पहुंचने पर राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी तानाशाह ताकत देश की मर्जी के आगे नहीं खड़ी हो सकती है.

इस्तांबुल शहर के कमाल अतातुर्क एयरपोर्ट पर विमान सेवाएं बाधित हुईं

सत्तापलट की कोशिश करने वाले सेना के एक समूह ने शुक्रवार रात को सेना प्रमुख को भी बंधक बना लिया था. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक कार्यवाहक सेना प्रमुख ने कहा है कि तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है.

इस्तांबुल में विद्रोही सैनिकों ने बॉसपोरस पुल पर कब्जा जमा लिया

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि अंकारा में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक घरों के अंदर रहने और बाहर न जाने की सलाह दी है.

पढ़ें: तुर्की में तख्तापलट की कोशिश नाकाम, संघर्ष में अब तक 104 की मौत

उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए राजधानी अंकारा में इमरजेंसी नंबर +905303142203, जबकि इस्तांबुल में इमरजेंसी नंबर +905305671095 जारी किए हैं.

तुर्की के प्रधानमंत्री ने कहा कि बगावत नाकाम होगी और देश में प्रजातंत्र कायम रहेगा

भारत में तुर्की के राजदूत बुराक अक्कपार ने कहा कि तुर्की में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाने के लिए तख्तापलट की कोशिश की गई थी, यह प्रयास नाकाम हो गया है.

पढ़ें: तुर्की में तख्तापलट की कोशिश के बाद फतेहउल्लाह गुलेन चर्चा में

कार्यवाहक सेना प्रमुख का कहना है कि तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है

इससे पहले एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत सेना के एक धड़े के ज़रिए टीवी पर प्रसारित बयान में कहा गया था कि देश पर 'पीस काउन्सिल' का नियंत्रण है. कर्फ़्यू और मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है. इस बयान में ये भी कहा गया कि तुर्की में नया संविधान होगा.

पीएम बिनाली युल्दरम ने मुस्लिम धर्मगुरु फतेहउल्लाह गुलेन के समर्थकों पर आरोप लगाया

बगावत के बाद सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया गया. इसके अलावा कई चैनलों को ऑफ एयर कर दिया गया. इस्तांबुल का कमाल अतातुर्क हवाई अड्डा सेना के कब्जे में है और विमानों की आवाजाही शुरू हो चुकी है.

सेना ने इस्तांबुल एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया है
First published: 17 July 2016, 8:51 IST
 
प्रियता ब्रजबासी @PriyataB

Priyata thinks in words and delivers in pictures. The marriage of the two, she believes, is of utmost importance. Priyata joined the Catch team after working at Barcroft Media as a picture desk editor. Prior to that she was on the Output Desk of NDTV 24X7. At work Priyata is all about the news. Outside of it, she can't stay far enough. She immerses herself in stories through films, books and television shows. Oh, and she can eat. Like really.

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