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राहिल शरीफ रिटायर होंगे या फ़िर तख्ता पलट होगा?

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 October 2016, 5:11 IST
QUICK PILL
  • उरी हमले के बाद एलओसी पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक से नवाज़ शरीफ़ पर पाकिस्तान के कमज़ोर प्रधानमंत्री की स्याही गहरा गई है.
  • दो महीने में सेना प्रमुख राहिल शरीफ़ रिटायर होने वाले हैं लेकिन इस बीच पाक में तख्ता पलट की आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता.

भारत की ओर से किए गए सर्जिकल हमले ने पाक सेना और सत्ता को हिला कर रख दिया है. अनुमान यह भी लगाए जा रहे हैं कि क्या पाक सेना प्रमुख राहिल शरीफ नवम्बर तक शांति से रिटायरमेंट ले लेंगे या फिर जैसा कि इस मुल्क में होता आया है, वे लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेकेंगे. एलओसी पर आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद पाक सेना और सरकार आपस में उलझ पड़े हैं.

पाक सेना के प्रवक्ता असीम बाजवा ने पहले तो हमले होने से ही इनकार कर दिया था और अब कह रहे हैं कि भारत अपनी तरफ के हताहतों के बारे में छिपा रहा है. जाहिर है, पाक सेना और सरकार भारत के विशेष बलों द्वारा किए गए सर्जिकल हमले के बाद से सदमे में हैं.

विषमताएं

दिल्ली में पाक मामलों के जानकारों के अनुसार, जनरल राहिल शरीफ पाक में काफी लोकप्रिय सेना प्रमुख हैं क्योंकि कमजोर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना को बहुत छूट दे रखी है. दो महीने में उनके रिटायर होने के साथ ही पाक में तख्ता पलट की आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता.

शरीफ ने सेवा बढ़ाने से इनकार कर दिया है. इससे केवल दो ही संभावनाएं बचती हैं. पहली या तो वह सर्जिकल स्ट्राइक में विफलता के दाग को झेलें या नवम्बर के अंत तक तख्ता पलट की तैयारी करें. सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि वे दुम दबा कर नहीं भागेंगे.

पाक में तख्ता पलट भारत केे लिए कोई बुरी खबर साबित नहीं होगी, क्योंकि इससे यह साफ हो जाएगा कि कि पाकिस्तान में सत्ता कौन चला रहा है. जैसा कि अभी हो रहा है जब एक ओर पाक सेना बिना सरकारी जवाबदेही के अपना काम करने को स्वतंत्र है और दूसरी ओर सरकार ऐसा दिखाती रहती है कि वह वार्ता करने को तैयार है.

अगला कौन?

इस बीच रायटर की एक खबर के अनुसार, राहिल शरीफ के बाद अगले सेना प्रमुख पद के लिए चार नाम सामने आए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पास भेज दिया गया है. सामरिक मामलों के विशेषज्ञ के अनुसार, पिछले कुछ सालों में नवाज शरीफ की प्रशासन पर पकड़ ढीली पड़ी है.

यहां तक कि एक बार जनता के बीच हुई कहासुनी में सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने जता दिया था कि असलियत में देश कौन चला रहा है. शरीफ अब किसी ऐसे व्यक्ति को इस पद के लिए चुनेंगे जो कि उन्हें कमतर करके नहीं आंके, जैसा कि राहिल शरीफ ने किया.

रायटर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2009 में स्वात की घाटी में टीटीपी के खिलाफ प्रमुखता से लड़ने वाले 31 वीं बटालियन के चार कमांडरों में से एक लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रामाडे प्रधानमंत्री शरीफ के करीब हैं. उनका परिवार नवाज की पार्टी पीएमएलएन से जुड़ा है. साथ ही वे जनरल राहिल शरीफ को भी पसंद हैं.

जानकारों का मानना है कि किसी जूनियर को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त करना उल्टा भी पड़ सकता है, जैसा जुल्फिकार अली भुट्टो के जमाने में जनरल जिया की नियुक्ति के मामले में हुआ था. भुट्टो ने सात जनरलों को क्रॉस करके जनरल जिया उल हक को सेना प्रमुख बनाया था, जिन्होंने बाद में भुट्टो को ही फांसी पर चढ़ा दिया था.

उम्मीदवार

रायटर की रिपोर्ट के अनुसार, इस पद की दौड़ में और कुछ नाम इस प्रकार हैं. लेफ्टिनेंट चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल जुबैर हयात, पूर्वी मुल्तान शहर के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल इश्फाक नदीम अहमद, सेना की प्रशिक्षण और आकलन इकाई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा.

रायटर के मुताबिक सेना के जनरल हेडक्वार्टर में गुप्तचर और कार्यवाही मामलों को देखने वाल जुबैर हयात स्ट्रैटेजिक प्लान डिवीजन के भी प्रमुख रहे हैं, जो पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित इकाई है.

रिपोर्ट के अनुसार ‘हयात के साथ काम कर चुके रिटायर और मौजूदा अधिकारी उन्हें सरकार और सेना के बीच अच्छी कड़ी मानते हैं.’ खैर, राहिल शरीफ का कार्यकाल समाप्त होने में अभी दो महीने का समय बाकी हैं, देखते हैं भारत के सर्जिकल हमले का वे क्या जवाब देते हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक से केवल पाकिस्तान की बरसों से चली आ रही आतंकी जिहादियों को भारत पर हमले करने के लिए खुला छोड़ने की नीति को ही झटका नहीं लगा है, बल्कि विशेष बलों ने रावलपिंडी के जनरलों को भी एक तरह से सदमें में डाल दिया है. पाक मान बैठा था कि भारत की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

हमले से पाक सेना और आतंकी गुटों के आपसी रिश्ते भी बिगड़े हैं. इसी प्रकार जानकारों ने बताया कि आतंकी गुटों के सरगना अब पाक सेना पर सवाल उठाएंगे, जो उन्हें यह भरोसा दिलाती आई है कि वह सीमा के पार भारत पर हमले करने के लिए उन्हें सुरक्षा देती रहेगी.

First published: 3 October 2016, 5:11 IST
 
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