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भारत-चीन टकराव: भारतीय सैनिकों की मौत पर अमेरिका ने व्यक्त की संवेदना, कहा- स्थिति पर रखे हुए हैं नजर

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 June 2020, 8:01 IST

पूर्वी लद्दाख के गालवान में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच भयंकर टकराव के बाद तनाव बढ़ गया है. अमेरिका का कहना है कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है और उम्मीद करता है कि मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया जाएगा. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में सोमवार रात एक कर्नल सहित बीस भारतीय सेना के जवान मारे गए. चीन के साथ दशकों बाद इतना बड़ा सैन्य टकराव हुआ है.

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा "हम वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ भारतीय और चीनी सेना के बीच स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं." अधिकारी ने कहा "भारतीय सेना ने घोषणा की है कि 20 सैनिकों की मौत हो गई है और हम उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं." प्रवक्ता ने कहा कि भारत और चीन दोनों ने de-escalation की व्यक्त की है और अमेरिका मौजूदा स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है.


अधिकारी ने कहा "2 जून 2020 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके फोन कॉल के दौरान भारत-चीन सीमा पर स्थिति पर चर्चा की थी." भारतीय सेना ने कहा कि भारत और चीन के बीच तनाव की एक बड़ी घटना में सोमवार को लद्दाख के गालवान इलाके में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सेना के जवान मारे गए है. हालांकि भारतीय सेना का दावा है कि इस झड़प में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक भी हताहत हुए हैं. हालांकि चीन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. 

झड़प की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 45 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब सीमा पर तनाव में अपने सैनकों को खोना पड़ा है. भारतीय सेना की उत्तरी कमान के एक पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में 1975 में अंतिम बार दुर्घटना हुई थी.

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First published: 17 June 2020, 8:01 IST
 
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