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भारत: रूस का पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास करना गलत

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 October 2016, 12:55 IST
(एजेंसी)

भारत ने अपने पारंपरिक मित्र रूस से पाकिस्तान के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. भारत ने वार्षिक द्विपक्षीय शिखर-सम्मेलन से पहले कहा है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ संयुक्त अभ्यास से समस्याएं और बढ़ेंगी.

मॉस्को में भारत के राजदूत पंकज सरन ने रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिये साक्षात्कार में कहा, "हमने रूसी पक्ष को अपने इन विचारों से अवगत करा दिया है कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले और राजकीय नीति के तौर पर इसे अपनाने वाले पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग एक गलत रुख है और इससे केवल और समस्याएं पैदा होंगी."

सरन के बयान आगामी शनिवार को गोवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन की द्विपक्षीय बैठक से पहले आया है. पुतिन 14 अक्तूबर को भारत पहुंचेंगे. वह द्विपक्षीय बैठक के अलावा 16 अक्तूबर को ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) के सम्मेलन में शामिल होंगे.

सरन ने कहा, "आज दुनिया के सामने कुछ ज्वलंत मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देश निश्चित रूप से ध्यान देंगे और इनमें आतंकवाद का प्रश्न और ब्रिक्स समूह के सभी देशों के सामने आतंकवाद के खतरे का विषय शामिल है. इस तरह यह क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक हालात के अलावा सम्मेलन में विचार-विमर्श का प्रमुख मुद्दा होगा."

भारतीय राजदूत के मुताबिक मोदी और पुतिन रक्षा, सुरक्षा और व्यापार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा के अलावा क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.

इसके अलावा लंबी दूरी की पांच वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली एस-400 ‘ट्रायंफ’, कामोव-28 हेलीकॉप्टर की खरीद और सुखोई 30-एमकेआई में सुधार उन सबसे महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों में शामिल हैं, जिन पर दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है.

First published: 12 October 2016, 12:55 IST
 
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