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संयुक्त राष्ट्र में 'गुप्त' वीटो के इस्तेमाल पर भारत नाराज

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2016, 14:49 IST

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने चीन का नाम लिए बगैर संयुक्त राष्ट्र में 'गुप्त वीटो' के इस्तेमाल की निंदा की और इसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है.

पठानकोट आतंकी हमले के कथित आरोपी जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रस्ताव पर चीन के विरोध के बाद भारत ने यह बात शुक्रवार को कही.

भारत ने कहा है कि उसके पास जनवरी महीने में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में मसूद अजहर की संलिप्तता के पर्याप्त सबूत हैं. भारत ने इस मुद्दे को चीन के समक्ष उच्च स्तर पर उठाया है. हालांकि विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस मसले को संयुक्त राष्ट्र में ही निपटा जाएगा और इससे चीन के साथ हो रही वार्ताओं पर असर नहीं पड़ेगा.

'पाकिस्तानी सेना और सरकार ने भारत की कमजोरी भांप ली है'

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सहयोगी चीन ने कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का प्रमुख मसूद अजहर आतंकवादी होने के लिए निर्धारित सुरक्षा परिषद के मानक पूरे नहीं करता है.

पिछले साल चीन ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले भारत के कदम को रोक दिया था.

सुरक्षा परिषद में आतंकवाद पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अलकायदा, तालिबान और आइएस प्रतिबंध समितियों की सर्वसम्मति और नाम गुप्त रखने की प्रक्रियाओं की समीक्षा की जरूरत है. इनके चलते जवाबदेही का अभाव होता है.

मसूद अजहर आतंकवादी नहीं: चीन

अकबरुद्दीन ने कहा कि सुरक्षा परिषद में गुप्त वीटो करने वाले देश को यह बताने की जरूरत नहीं होती है कि किन कारणों से उसने वीटो का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के जनरल मेंबर्स को आतंकवादियों को बैन न करने का भी कारण नहीं बताया गया है.

इसी महीने संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थाई प्रतिनिधि लियु जीयी ने बीजिंग के दावे को दोहराते हुए कहा था कि मसूद अजहर आतंकवादी होने के लिए निर्धारित सुरक्षा परिषद के मानक पूरे नहीं करता है.

जब लियु से पूछा गया कि अजहर कैसे आतंकवादी नहीं है तो उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में किसी व्यक्ति और संगठन को तब शामिल किया जाता है, जब वह उसकी शर्ते पूरी करता है. यह परिषद के सभी सदस्यों का दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि शर्तों का पालन हो.'

मसूद अजहर पर चीन के वीटो केे बाद भारत ने जतायी निराशा

गौरतलब है कि जनवरी महीने में पठानकोट एयरबेस में हुए हमले के बाद भारत ने मसूद अजहर को आंतवादियों की सूची में शामिल करने के लिए फरवरी में संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति से आग्रह किया था. इस समिति में चीन समेत 15 देश शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति की बैठक में 14 सदस्य अजहर को आतंकवादियों की सूची में रखने पर सहमत थे, लेकिन चीन ने अड़ंगा लगा दिया. भारत ने चीन की रोक को छिपे हुए वीटो की संज्ञा दी है.

इस मामले में भारत की ओर से दिये गये बयान में कहा गया था कि साल 2001 से जैश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैन लिस्ट में शामिल है क्योंकि वो आतंकी संगठन है और उसके अल-कायदा से लिंक हैं. लेकिन तकनीकी कारणों से जैश के मुखिया मसूद अजहर पर बैन नहीं लगाया जा सका.

भारत ने अपने बयान में आगे कहा कि इस तरह के आतंकी संगठनों को बैन न किए जाने का खमियाजा पूरी दुनिया को उठाना पड़ सकता है.

First published: 15 April 2016, 14:49 IST
 
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