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थाईलैंड के रेस्क्यू ऑपरेशन में इस भारतीय कंपनी ने निभाई अहम भूमिका

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2018, 11:01 IST

थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके कोच को आख़िरकार निकाल लिया गया. इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दुनियाभर के कई लोगों ने अहम् भूमिका निभाई लेकिन पुणे की कंपनी 'किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड (केबीएल)' ने भी इस ऑपरेशन में लाजवाब भूमिका निभाई. कंपनी को पानी निकालने में विशेषज्ञता हासिल है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय दूतावास ने थाईलैंड प्रशासन को इस कंपनी की मदद लेने की सलाह दी थी.

जिसके बाद इस कंपनी ने भारत, थाईलैंड और ब्रिटेन के अपने कार्यालय से इस अभियान के लिए टीम भेजी थी. केबीएल की एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया कि उनके विशेषज्ञ 5 जुलाई से बचाव दल को अपनी सेवाएं दे रहे थे.

बता दें कि ये सभी बच्चे थाईलैंड की जूनियर फुटबॉल टीम के खिलाड़ी हैं. सभी 12 बच्चे अपने फुटबॉल कोच के साथ पिछले महीने 23 तारीख को गुफा में घूमने गए थे. लेकिन बाढ़ का पानी गुफा में घुसने की वजह से भी फंस गए. बच्चों को बचाने के लिए कई देशों के करीब 90 गोताखोर लगे हुए हैं.

गोताखोरों ने तीन दिन में 10 बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया है. गुफा से निकलने के बाद बच्चों की हालत बिल्कुल ठीक बताई जा रही है. हालांकि अभी भी गुफा में 2 बच्चे और उनके कोच फंसे हुए हैं. जिन्हे निकालने के लिए गोताखोर अभी भी अभियान में लगे हुए हैं.

बच्चे जिस गुफा में फंसे हुए हैं उसका नाम थाम लुआंग है. जो थाईलैंड की चौथी सबसे बड़ी गुफा है. इसकी लंबाई 10 किलोमीटर से भी अधिक है. रविवार को पहले दिन गोताखोरों को 4 बच्चों को गुफा से बाहर निकालने में कामयाबी मिली थी.

सोमवार को फिर चार बच्चों को बाहर निकाल लिया गया. इस रेस्क्यू अभियान में ब्रिटिश गोताखोर जॉन वोलेंनथन और रिक स्टैटन अहम भूमिका निभा रहे हैं. दोनों ने ही गुफा में फंसे बच्चों को सबसे पहले खोजा था. थाईलैंड के अलावा अमेरिका, चीन, जापान, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के 90 गोताखोर बचाव कार्य में लगे हुए हैं. एक हजार से ज्यादा जवान और एक्सपर्ट इस अभियान में मदद कर रहे हैं.

First published: 11 July 2018, 10:55 IST
 
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