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असहिष्णुताः 15 दिनों के भीतर अमेरिका में तीसरा हमला, गोली मारकर कहा हमारे देश से चले जाओ

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2017, 13:54 IST

लगता है नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद अमेरिका में असहिष्णुता बढ़ने लगी है. आलम यह कि महज 15 दिनों में तीसरी बार एक हिंदुस्तानी पर हमला हुआ है. ताजा मामला एक सिएटल का है जहां एक भारतीय सिख को नस्लीय हमले का शिकार होना पड़ा और उसे गोली मारकर घायल कर दिया गया. नकाबपोश हमलावर ने हिंदुस्तानी से कहा कि हमारे देश से बाहर चले जाओ.

अमेरिकी पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को वाशिंगटन के केंट शहर में एक 39 वर्षीय सिख दीप राय अपने घर के बाहर अपनी गाड़ी ठीक कर रहे थे. इस दौरन एक अज्ञात नकाबपोश हमलावर ने उनको गोली मार दी.

पुलिस का कहना है कि दोनों व्यक्तियों के बीच पहले कहासुनी हुई. हमलावर ने दीप राय से अपने देश वापस जाने को कहा और गोली मार दी. गोली दीप राय के कंधे पर लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है.

पीड़ित दीप के मुताबिक हमलावर की लंबाई करीब छह फुट थी और वो एक गोरा व्यक्ति था. उसने अपने चेहरे को नकाब से ढका था.

 

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दीप राय के पिता से फोन पर बातचीत कर उन्हें ढाढ़स बंधाया. सुषमा स्वराज ने कहा कि इस हमले की जानकारी मिलने पर उन्हें काफी दुख पहुंचा. इसके साथ ही उन्होंने बृहस्पतिवार को मारे गए हरनिश पटेल की मौत पर भी अपनी संवेदना व्यक्त की.

वहीं, स्थानीय निवासियों से इस हमले की भर्त्सना करते हुए हमलावर को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. उधर, सैन फ्रांसिस्को काउंसिल जनरल द्वारा इस बाबत स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की जा रही है.

बता दें कि दीप राय को गोली मारने से पहले हमलावर ने जो बात कही, उससे कंसास में हुई श्रीनिवास की हत्या की घटना को ताजा कर दिया. हत्यारों ने श्रीनिवास को गोली मारने से पहले यही शब्द कहे थे.

इससे पहले बृहस्पतिवार को दक्षिण कैरोलिना में भी रात को एक भारतीय मूल के शॉप ओनर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी.

कहा जा रहा है कि इन सभी घटनाओं के पीछे डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की छवि स्पष्ट दिखाई देती है, जिसमें उन्होंने गैर-अमेरिकियों पर पाबंदी लगाने या फिर उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक साबित करने की बात कही थी.

हालांकि कंसास में भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटना की हत्या के कुछ दिन बाद ट्रंप ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस हमले की निंदा की थी.

यूएस कांग्रेस को दिए अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा था कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने नस्ल और धर्म के आधार पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की थी. हालांकि उनके शब्दों को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया और 15 दिनों के भीतर इसी तरह की तीसरी घटना हुई.

 

First published: 5 March 2017, 13:55 IST
 
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