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2015 में फांसी की सजा में 50% बढ़ोत्तरी हुई, ईरान टॉप पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2016, 7:58 IST

2014 की तुलना में पिछले साल पूरे विश्व में फांसी की सजा देने के मामलों में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी के मुताबिक दुनिया भर में 1989 के बाद 2015 में सबसे अधिक मौत की सजा दी गई.

2015 में कुल 1634 लोगों को फांसी दी गई लेकिन इनमें चीन के आंकड़े शामिल नहीं है. वहां हजार से ज्यादा लोगों को फांसी दिए जाने का अनुमान है.

एमनेस्टी के अनुसार, वर्ष 2015 में सबसे ज्यादा मौत की सजा क्रमश: चीन, ईरान, पाकिस्तान, सउदी अरब और अमेरिका में दिए गए हैं.

एमनेस्टी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार फांसी की सजा पर अमल के मामले में ईरान लिस्ट में पहले नंबर पर है जहां 977 लोगों को मौत की सजा दी गई. ईरान में 2014 में 743 लोगों को मौत की सजा दी गई थी.

16 दिसंबर 2014 को पेशावर के स्कूल में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान में मौत की सजा बड़ी संख्या में दी गई है. पाक में फांसी की सजा पर से रोक पिछले ही साल हटा दी गई थी. 2015 में वहां 326 लोगों को फांसी दी गई.

सउदी अरब मौत की सजा देने वाले देशों की सूची में 158 फांसी के साथ तीसरे नंबर पर है. वहां इस साल एक ही दिन में 50 से ज्यादा को फांसी दे दी गई.

भारत में पिछले साल सिर्फ एक फांसी हुई. नागपुर सेंट्रल जेल में मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेमन को फांसी दी गई थी.

2015 में जब दुनिया फांसी देने के मामले में ऊंची छलांग लगा रही थी तब फिजी, मेडागास्कर, रिपब्लिक ऑफ कांगो और सूरीनाम जैसे कुछ देशों ने अपने यहां फांसी की सजा खत्म करने का ऐलान कर दिया. अब दुनिया के 102 देशों में फांसी की सजा का प्रावधान नहीं है. दुनिया धीरे-धीरे सभ्य हो रही है.

First published: 8 April 2016, 7:58 IST
 
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