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ढाका हमले को आईएस ने बताया ट्रेलर, कहा फिल्म तो अभी बाकी है

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2016, 12:47 IST
(एजेंसी)

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ढाका हमले के बाद एक वीडियो जारी करके चेतावनी दी है कि बांग्लादेश और दुनियाभर में जब तक शरियत कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक ऐसे हमले होते रहेंगे और पिछले हफ्ते ढाका में हुए हमले तो बस ट्रेलर हैं, अभी पूरी फिल्म बाकी है.

बांग्लादेश सरकार को चेतावनी देने वाला यह वीडियो युद्ध प्रभावित सीरिया में इस आतंकवादी संगठन के कब्जे वाले रक्का से बांग्ला भाषा में जारी किया गया है. वीडियो पहले आईएस से जुड़ी हुई वेबसाइट पर मिला और उसके बाद इसे सोशल साइट यू-ट्यूब पर डाला गया.

यह वीडियो ऐसे समय में आया है, जब इस्लामी हमलावरों ने शुक्रवार को ढाका के राजनयिक इलाके में एक रेस्तरां पर हमला किया था और 20 लोगों की हत्या कर दी थी. उनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे. इस हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली थी.

आईएस का यह वीडियो बुधवार को एसआईटीई इंटेलिजेंस साइट पर जारी किया गया. एसआईटीई इंटेलिजेंस के निदेशक रता कत्ज के मुताबिक वीडियो में कहा गया, "यह एक झलक थी, हम इस तरह के हमले दोहरायेंगे."

यह वीडियो आईएस के दुष्प्रचार संदेशों के साथ शुरू होता है, जिसका शीर्षक बांग्ला में है. इसमें ढाका हमलों में हुई मौतों की खुशी जाहिर की गई है, जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली है.

बांग्लादेश के समाचार चैनल बीडीन्यूज 24 के मुताबिक वीडियो में बांग्लादेश सरकार के लिए अपने संदेश में आईएस ने कहा है, "बांग्लादेश में जिहाद, जो अब आप देख रहे हैं, सबसे अलग है जो आपने कभी नहीं देखा होगा."

इस वीडियो में तीनों बांग्लादेश मूल के हैं, लेकिन तत्काल उनकी शिनाख्त नहीं हो पायी है. उनमें से एक ने कहा कि जब तक दुनिया में शरियत कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक वे नहीं रुकेंगे.

आईएस ने कहा, "हम तब तक विधर्मियों की हत्या नहीं रोकेंगे, जब तक हम अपने धर्म के लिए जीत नहीं जाते या शहीद के रूप में मर जायेंगे और शहादत हासिल करेंगे."

उसने बांग्लादेश के वर्तमान लोकतंत्र को अक्षम्य अपराध करार दिया. एक अन्य ने सरकार को काफिर बताया है.

वहीं दूसरी ओर ढाका हमले में आईएस की भूमिका नकारते हुए बांग्लादेश सरकार ने इस बात का दावा किया है कि आतंकवादी प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश के सदस्य थे.

उनमें तीन समृद्ध परिवारों से थे और उन्होंने ढाका के प्रतिष्ठित विद्यालयों में पढ़ाई की थी, जबकि दो अन्य बोगरा में गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे.

First published: 7 July 2016, 12:47 IST
 
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