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इस्लामाबाद: सार्क सम्मेलन में राजनाथ ने आतंकवाद को बताया सबसे बड़ा खतरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2016, 15:02 IST
(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद में चल रहे सार्क सम्मेलन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. मंत्रीस्तरीय सार्क सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को सबसे बड़ा खतरा करार दिया है.

राजनाथ ने कहा कि अब आतंकवाद का खात्मा बेहद जरूरी हो गया है. साथ ही गृह मंत्री ने काबुल, ढाका और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों का भी इस दौरान जिक्र किया. 

'अच्छा-बुरा आतंकी कुछ नहीं'

राजनाथ सिंह ने सार्क सम्मेलन के दौरान कहा, "अच्छा-बुरा आतंकी कुछ नहीं होता. आतंकियों का महिमामंडन नहीं होना चाहिए. आतंकियों की सिर्फ निंदा ही काफी नहीं है."

राजनाथ सिंह ने इस दौरान आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों को निशाने पर लिया. राजनाथ ने कहा कि आतंक के हमदर्द देशों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर राजनाथ सिंह के भाषण को नहीं प्रसारित किया गया.

एक दिवसीय सार्क सम्मेलन का आगाज गुरुवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुआ. पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने सम्मेलन का आगाज करते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद, सार्क ने दक्षिण एशिया में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में सराहनीय योगदान दिया है.

'आतंकवाद दुनिया की समस्या'

नवाज शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद और संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. आतंकवाद सिर्फ पाकिस्तान की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है. हमें संगठित अपराध और आतंकवाद के खतरे को रोकने के लिए एकजुट होकर चुनौती का सामना करना होगा."

साथ ही नवाज शरीफ ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में ऑपरेशन जर्बे-अज्ब की बदौलत आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल हुई है.

वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा है कि पाकिस्तान सार्क संगठन की प्रक्रिया और इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

निसार अली ने कहा, "दक्षेस में शामिल देशों को रियलिटी चेक भी करना चाहिए जिससे ये मालूम हो कि हमने अब तक क्या किया है और हमें क्या करने की जरूरत है."  राजनाथ सिंह बतौर गृह मंत्री पहली बार पाकिस्तान पहुंचे हैं. उनकी यात्रा के खिलाफ लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से धमकी मिलने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा दी गई है.

First published: 4 August 2016, 15:02 IST
 
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