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ISIS ने गुलाम महिलाओं से सेक्स नए दिशानिर्देश जारी किए

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2015, 17:34 IST
QUICK PILL
  • इस्लामिक स्टेट ने बंधक बनाई गई महिलाओं को लेकर नया फतवा जारी किया है. फतवा अमेरिकी सेना ने बरामद किया है.
  • इस्लामिक स्टेट के धर्मगुरुओं के अनुसार नए फतवे से बंधक बनाई गई महिलाओं के साथ गलत व्यवहार पर रोक लगेगी.

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने फतवा जारी करके बताया है कि कि गुलाम बनाई गई महिलाओं के साथ किस तरह सेक्स किया जाना चाहिए. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इस्‍लामिट स्‍टेट के धर्मशास्त्रियों ने इस फतवे में जो बातें कहीं हैं, वे पुराने दावों से अलग हैं.

इस्लामिक स्टेट के धर्मशास्त्रियों ने अनुसार नए फतवे से बंधक बनाए गए महिलाओं के साथ किसी भ तरह के गलत व्यवहार पर रोक लगेगी. इस फतवे के जरिए कानून को जबरन लागू करने का निर्देश है. ये दस्तावेज और फतवा अमेरिकी सुरक्षा बलों को मई महीने में मिला था जब उनकी सैन्य कार्रवाई में आईएस का वित्तीय अधिकारी अबू सय्याफ मारा गया था. दस्तावेज की कुछ प्रतियां रॉयटर्स के पास हैं.

आपको बता दें कि सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर काबिज है आईएस संगठन. संयुक्‍त राष्‍ट्र और ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में इस आतंकी संगठन पर हजारों लड़कियों को सेक्‍स स्‍लेव बनाने का आरोप लगाया है. इनमें 12 साल तक की उम्र की लड़कियां भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार आईएस ने उत्‍तरी इराक की अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं को अगवा करके उन पर काफी जुल्‍म किए हैं. ज्यादातर यजीदी लड़कियां आईएस के लड़ाकों को बेची या तोहफे के रूप में दे दी जाती हैं.

रॉयटर्स को मिले इस फतवे के अनुसार बाप और बेटे को एक ही महिला बंधक से सेक्स पर पाबंदी है. हालांकि, महिलाओं का दास अपनी मालकिन मां और बेटी दोनों से सेक्स कर सकता है. इसके अलावा बंधक बनाई गई महिलाओं के संयुक्त मालिकों को भी सेक्स करने की छूट है.

ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में ISIS पर हजारों लड़कियों को सेक्‍स स्‍लेव बनाने का आरोप लगाया है

कुछ महीनों पहले ह्यूमन राइट्स वॉच ने आईएस की चंगुल से छूटकर आई 20 महिलाओं का इंटरव्यू किया था. आजाद हुई महिलाओं ने लड़ाकों की क्रूरता की कहानी सबके सामने रखी थी. उन्होंने बताया आईएस के सदस्य ल़ड़कियों को अन्य लोगों से अलग रखते थे.

सीरिया और इराक में इन महिलाओं को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग जगहों पर रखा जाता है. यहां से इन्हें बेचा जाता है या तोहफे में दिया जाता है. ये सारी महिलाएं यौन उत्पीड़न का शिकार होती हैं.

इसी साल 29 जनवरी को जारी फतवा नंबर-64 में कहा गया- ‘हमारे कुछ साथियों ने सेक्‍स स्‍लेव के साथ बर्ताव करते हुए कुछ नियमों का उल्‍लंघन किया है. शरिया कानून में इस प्रकार के उल्‍लंघन की इजाजत नहीं दी गई है. ऐसा इसलिए हो रहा है, क्‍योंकि सदियों से इस कानून पर बात नहीं की गई. क्‍या इस संबंध में कई चेतावनी जारी की गई है? इन नियमों का निपटारा अब तक नहीं किया गया था. अब हो गया है.’

फतवे में आगे लिखा गया है, ‘अगर कोई महिला गुलाम है, जिसकी बेटी भी सेक्‍स करने लायक है. अगर महिला गुलाम का मालिक उसकी बेटी से रिश्‍ता कायम करता है तो फिर वह उसकी मां से संबंध नहीं बना सकता है.’

फतवे इस प्रकार की कई और अनर्गल बातें कही गई हैं.

First published: 29 December 2015, 17:34 IST
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