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भूकंप से इटली में भारी तबाही, अब तक 247 लोगों की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:20 IST
(एएफपी)

सेंट्रल इटली में बुधवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की तादाद 250 के करीब पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि सैकड़ों लोग मलबे में दबे हैं.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक कम से कम 247 लोगों की मौत हो चुकी है.

इटली के प्रधानमंत्री मैटियो रेंजी ने कहा है कि पर्वतीय इलाके में आए जोरदार भूकंप की वजह से 159 लोग मारे गए हैं, जबकि 368 घायल हैं. ग्रामीण इलाकों में अभी मलबे में फंसे और दबे लोगों को निकालने का काम जारी है.

प्रधानमंत्री रेंजी ने कहा है कि सैकड़ों लोगों के दबे होने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है. भूकंप के झटके दोबारा आने की आशंका के बीच सैकड़ों लोगों ने अस्थाई शिविरों में सर्द रात गुजारी.

भूकंप की तीव्रता 6.0 से 6.2 के बीच थी, जो नेपाल में आए विनाशकारी 7.8 तीव्रता वाले भूकंप से काफी कम है. लेकिन बावजूद इसके चारों ओर तबाही का मंजर है.

अमात्रिस में तबाही का मंजर

भूकंप स्थानीय समयानुसार तड़के 3 बजकर 36 मिनट पर आया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई. ज्यादातर लोग ऐतिहासिक शहर अमात्रिस में मारे गए हैं.

अमाट्रिस के मेयर का कहना है कि शहर लगभग पूरा तबाह हो गया है. भूकंप के झटके यूं तो पूरे इटली में महसूस किए गए, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान अम्ब्रिआ, लाटज़ियो और ले मार्स के पहाड़ी इलाक़े में हुआ.

नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख ने इस भूकंप की तुलना 2009 में आक्विला क्षेत्र के भूकंप से की, जिसमें 309 लोग मारे गए थे.

राहत और बचाव कार्य के दौरान पिस्कारा डेल टोरंटो गांव में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब एक आठ साल की लड़की भूकंप के 17 घंटे बाद मलबे से ज़िंदा निकाली गई. 

इटली के प्रधानमंत्री मैटियो रेंजी ने कहा है कि भूकंप प्रभावित हर व्यक्ति तक पहुंचने की पूरी कोशिश की जाएगी. इस बीच पोप फ्रांसिस ने सेंट पीट्सबर्ग में अपना साप्ताहिक कार्यक्रम रोककर हादसे पर शोक जताया.

इन वजहों से मची तबाही

1. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप का केंद्र पेरुगिया प्रांत के उमब्रिया शहर के पास जमीन की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था.

2. विशेषज्ञ बताते हैं कि भूकंप का केंद्र सतह से ज्यादा नीचे नहीं था, इसी वजह से अधिक तबाही मची.

3. भूकंप के केंद्र और आसपास के इलाकों की ज्यादातर इमारतें पत्थर की बनी थीं और 100 साल पुरानी थीं.

4. 100 साल पहले भूकंपरोधी इमारतों को बनाने का तरीका नहीं था.

5. सतह के करीब हल्के झटके ने भी सब कुछ तबाह कर दिया.

6. भूकंप उमब्रिया, मार्चे और लाजियो के बीच बसे दूरवर्ती इलाकों में आया.

7. इस समय स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी काफी संख्या में आए हुए थे.

8. यह इलाका ला अकिला से थोड़ी ही दूर उत्तर में है, जहां 2009 के भूकंप में 300 लोग मारे गए थे.

9. सबसे ज्यादा तबाही और मौत अमात्रिस, एकुमोली और अरकाता डेल तोरंतो गांवों में हुई है.

10. अमात्रिस के मेयर सेर्गियो पिरोजी ने बताया कि आधा गांव तबाह हो गया है.

11. निरीक्षण के दौरान अमात्रिस ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने क्षेत्र में बमबारी कर दी हो.

First published: 25 August 2016, 10:35 IST
 
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