Home » इंटरनेशनल » Jack Ma suspected missing since he made controversial speech on October 24 accusing China of stifling innovation
 

दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी जैक मा हुए 'लापता', दो महीने से नहीं आए नजर, चीनी सरकार की आलोचना करना पड़ा भारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 January 2021, 14:26 IST

चीनी सरकार के खिलाफ आवाज उठाना चीन के किसी भी व्यक्ति के लिए मुसीबत बन सकती है फिर वो चाहें अमीर हो या गरीब. चीन के अरबपति और दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति जैक मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. बीते दिनों ही खबर आई थी कि उनकी कंपनियों के खिलाफ चीनी सरकारी एंजेसिंया लगातार जांच कर रही है. वहीं अब खबर है कि यह अरबपति बीते दो महीने से लापता है. अलीबाबा और आंट ग्रुप के मालिक जैस पिछले दो महीने से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं और वो इस समय कहां पर हैं, इसकी पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं हैं.

दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी अरबपित जैक मा अपने भाषणों के लिए काफी लोकप्रिय है. जैक मा का एक शो है 'अफ्रीका के बिजनेस हीरोज'जिसे उन्हीं की कंपनी प्रोड्यूस करती है. जैक मा को इस शो के फाइनल में बतौर जज शामिल होना था, लेकिन आखिरी वक्त पर उनका नाम हटा लिया गया. इतना ही नहीं शो के पोस्टर से भी उनकी तस्वीर हटा ली गई. इसके अलावा जैक मा का कई यूनिवर्सिटी और अन्य जगहों पर भी बतौर वक्ता शामिल होना था, लेकिन वहां से भी उनका नाम हटा लिया गया.


सरकार पर बोला था 'हमला'

दरअसल, यह सारा विवाद बीते साल 24 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जब जैक मा ने अपने एक शो के दौरान चीन के "ब्याजखोर वित्तीय नियामकों और सरकार के स्वामित्व वाले बैंकों " की आलोचना की थी. इस दौरान उन्होंने चीन की विनियमन प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार से आह्वान किया था. उन्होंने कहा था कि सिस्टम में ऐसे बदलाव आने चाहिए, जिससे नए बिजनेस को बचाया जा सके. इस दौरान उन्होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों की तुलना 'बुजुर्गों लोगों के क्लब' से की थी.

जैक मा ने अपने भाषण में कहा था," आज की वित्तीय प्रणाली औद्योगिक युग की विरासत है. हमें अगली पीढ़ी और युवा लोगों के लिए एक नई स्थापना करनी चाहिए. हमें वर्तमान प्रणाली में सुधार करना चाहिए." हालांकि, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस सरकार पर आलोचना के रूप में लिया और इसके बाद से ही जैक मा के बुरे दिन शुरू हो गए. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि शी जिंगपिंग ने आंट ग्रुप पर एक्शन लेने के लिए सीधे आदेश दिया था. इसके बाद आंट ग्रुप के 37 अबर डॉलर के आईपीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था. इतना ही नहीं जैक की कंपनी और उनके खिलाफ कई तरह की जांच शुरू हुई और उन्हें देश से बाहर नहीं जाने के लिए कहा गया.

चीन का दावा- नए साल में अमेरिका से संबंधों में आएगा सुधार, पहले विवाद के लिए ट्रंप की नीतियां थी जिम्मेदार

First published: 4 January 2021, 14:26 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी