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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर हिरासत में

अभिषेक पराशर | Updated on: 13 January 2016, 19:50 IST
QUICK PILL
  • दोनों देश के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत के लिए भारत ने रखी थी पठानकोट हमले में ठोस कार्रवाई की शर्त.
  • दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है. पाकिस्तान की इस कार्रवाई के बाद विदेश सचिव स्तर की बातचीत जारी रहने की उम्मीद है.

पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के मास्टरमाइंड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर और उनके भाई अब्दुल रऊफ को हिरासत में ले लिया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इन दोनों को किसी अज्ञात जगह पर पूछताछ के लिए ले जाया गया है.

मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ को भी हिरासत में लिया गया है जो अल-रहमत ट्रस्ट का मुखिया है. जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद मसूद अजहर अपना सारा काम इसी ट्रस्ट की आड़ से करता रहा है.

पठानकोट पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने यह साफ कर दिया था कि पाकिस्तान को हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी. भारत ने दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीख तय नहीं कर गेंद पाकिस्तान के पाले में डाल दी थी. जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने बड़ी पहल करते हुए मसूद अजहर और उनके भाई को गिरफ्तार कर बातचीत को आगे बढ़ाए जाने की दिशा में सकारात्मक पहल की है.

पठानकोट हमले के बाद बन रहे दबाव के बाद पाकिस्तान की सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था. इसी के तहत आज दिन भर चली कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों पर छापा मारा गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया.

पाकिस्तान सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के कई दफ्तर को भी सील कर दिया है. बुधवार की शाम तक मसूद अजहर और उनके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी ने मसूद अजहर और उनके भाई समेत करीब दर्जन भर लोगों के गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

अल-रहमत की आड़ में काम करता है जैश-ए-मोहम्मद

जैश-ए-मोहम्मद पर पाकिस्तान में प्रतिबंध लगा हुआ है. प्रतिबंध की वजह से संगठन का सारा काम सहयोगी संस्था अल रहमत ट्रस्ट की आड़ में किया जाता है. अल रहमत का प्रमुख रऊफ आतंकी मसूद अजहर का भाई है. कहा जा रहा है कि इसी अल रहमत ट्रस्ट में पठानकोट हमले की साजिश रची गई है.

24 दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान को हाईजैक कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था. विमान में 178 यात्री सवार थे.

पाक सरकार की कार्रवाई 15 जनवरी को प्रस्तावित विदेश सचिवों के बीच होने वाली वार्ता से ठीक दो दिन पहले हुई है. इससे पहले पाकिस्तान ने पठानकोट हमले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति का गठन किया था.

भारत ने पाक के इस कदम का स्वागत किया है और साथ ही जल्द से जल्द इस दिशा में कोई सार्थक कार्रवाई होने की उम्मीद भी जताई है. 15 जनवरी को होने वाली विदेश सचिव स्तर की बातचीत से पहले भारत ने पाकिस्तान के सामने ठोस कार्रवाई की शर्त रखी थी. पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है. जानकारों के मुताबिक में इस कार्रवाई के जरिए एक तरह से पाकिस्तान ने वार्ता की गेंद अब भारत के पाले में डाल दी है.

पढ़ें: अल रहमत, जैश और मसूद अजहर का त्रिकोण

4 जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में सात सुरक्षाबल और सेना के जवान शहीद हुए थे, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. सेना ने अपनी कार्रवाई में छह आतंकवादियों को मार गिराया था. सभी आतंकी पाकिस्तान से आए थे, और उनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा है.

First published: 13 January 2016, 19:50 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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