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एनएसजी दावेदारी पर जापान का समर्थन, कहा- परमाणु अप्रसार के लिए भारत की जरूरत

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2016, 10:15 IST
(पीटीआई)

48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनसएसजी) में भारत की दावेदारी को जापान ने अपना खुला समर्थन दिया है. चीन के अड़ियल रुख की वजह से भारत सोल बैठक में भारत एनएसजी देशों में शामिल नहीं हो सका.

अब जापान ने यह कहकर चीन को बड़ा झटका दिया है कि भारत की सदस्यता और एनएसजी में मौजूदगी से परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सोल बैठक के बाद पहली बार जापान ने इस मुद्दे पर आधिकारिक टिप्पणी की है. जापानी विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा, "हम एनएसजी में सदस्यता को संभव बनाने के लिए भारत के साथ लगातार काम कर रहे हैं."

एनएसजी के दूसरे सदस्यों से बातचीत    

जापानी विदेश मंत्रालय में प्रेस एंड पब्लिक डिप्लोमेसी के महानिदेशक यासुकिरा कावमोरा ने कहा, "हम इस मुद्दे पर भारत के साथ काम करते रहना चाहते हैं, क्योंकि हमें लगता है कि भारत की सदस्यता से परमाणु अप्रसार व्यवस्था को ताकत मिलेगी."

उन्होंने कहा, "जापान एनएसजी के दूसरे सदस्य देशों के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत करता रहेगा."

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक कावमोरा ने कहा, "भारत की सदस्यता रोकने को लेकर चीन के रवैये से सभी वाकिफ हैं. जापान इस मुद्दे पर एनएसजी के अंदर हुई बातचीत पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता."

साथ ही उन्होंने कहा, "मुख्य मुद्दा आम राय बनाने को सुनिश्चित करना है और हम इस पर काम कर रहे हैं." कावमोरा दिल्ली में जापान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में भी काम कर चुके हैं.

एनपीटी पर दस्तखत की अपील

जापानी विदेश मंत्रालय के एक और शीर्ष अधिकारी और साउथ वेस्ट एशिया डिवीजन में सीनियर रीजनल कोऑर्डिनेटर मासायुकि तागा ने कहा कि भारत की सदस्यता से परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने में जापान को मदद मिलेगी.

वहीं कावमोरा ने कहा कि जापान सामान्य भावना के साथ भारत को इस समझौते पर दस्तखत करने को कहता रहेगा. टोक्यो ने एनएसजी में प्रवेश के लिए भारत की मदद की राह में उसके एनपीटी पर दस्तखत नहीं करने वाले राष्ट्र के दर्जे को बाधक नहीं बनने दिया.

First published: 5 September 2016, 10:15 IST
 
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