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फुकुशिमा से टोक्यो तक 6.9 तीव्रता के भूकंप से थर्राया जापान, सुनामी का अलर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 November 2016, 9:48 IST
(पत्रिका)

जापान के पूर्वोत्तर इलाके और फुकुशिमा शहर में भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए हैं. बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर 6.9 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र फुकुशिमा से 70 किलोमीटर दूर जमीन के 11 किलोमीटर अंदर स्थित था.

शुरुआत में भूकंप को 7.3 तीव्रता का बताया जा रहा था. तेज झटकों के बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है. भूकंप के झटके फुकुशिमा राज्य के साथ ही राजधानी टोक्‍यो में भी महसूस किए गए. अभी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

फुकुशिमा प्लांट को नुकसान नहीं

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार झटकों के बाद समुद्र में 1.5 मीटर (तकरीबन 4.5 फुट) तक ऊंची लहरें उठी हैं. समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक फुकुशिमा परमाणु संयंत्र पर भी इसका असर हुआ है.

जापान में कैबिनेट के मुख्य सचिव योशिहिदे सुगा के मुताबिक फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के तीसरे रिएक्टर के कूलिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है.  हालांकि प्‍लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

पीएम मोदी का ट्वीट

मार्च 2011 के भूकंप के बाद आई सुनामी में फुकुशिमा स्थित तेपको दाइचि न्यूक्लियर प्लांट तबाह हो गया था. फुकुशिमा परमाणु संयंत्र की संचालक टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर संयंत्र में नुकसान की जांच कर रही है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने भूकंप के बाद ट्वीट किया, "मुझे आशा है कि जापान में अभी सभी लोग सुरक्षित होंगे. भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए मैं प्रार्थना कर रहा हूं."

2011 में सुनामी लाई थी भारी तबाही

जापान के सरकारी मीडिया एनएचके के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 6 बजे (भारतीय समयानुसार रात को 2.30 बजे) भूकंप के झटके महसूस किए गए. सुनामी अलर्ट के साथ ही सरकार ने लोगों से तटीय इलाकों से हटने की अपील की है. 

वहीं 2011 की विनाशकारी सुनामी से सबक लेते हुए जापान ने अपने सभी परमाणु संयंत्र बंद कर दिए हैं. राजधानी टोक्यो में बिजली सप्लाई अभी बंद है. जापान के कुमामोटो प्रांत में इस साल अप्रैल में आए भूकंप में 50 लोगों की मौत हो गई थी.

मार्च 2011 में आए विध्वंसक भूकंप के बाद आई सुनामी में 18 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. फुकुशिमा तबाही का सबसे बड़ा केंद्र था. हालांकि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में अभी तक तापमान बढ़ने के संकेत नहीं हैं. वहीं दूसरे परमाणु संयंत्र में कोई अनियमितता नहीं दिखी है.

First published: 22 November 2016, 9:48 IST
 
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