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इस कंपनी में प्रेग्नेंट होने के लिए लेनी पड़ती है बॉस की इजाजत, वरना चली जाती है नौकरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 April 2018, 13:35 IST

किसी भी देश की सरकार भले ही कर्मचारियों के लिए नियम बनाती हो, बावजूद इसके कंपनियों के अपने-अपने नियम कानून होते हैं. ऐसे में कई बार कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं कई बार महिलाओं के मामले में कंपनियों के ये नियम शर्मिंदा करने वाले होते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ जापान की एक महिला के साथ. जब प्रेग्नेंट होना उसके लिए खुशी लाने वाला नहीं, बल्कि शर्मिंदगी देने वाला बन गया.

दरअसल, जापान के ऐची प्रांत में एक महिला बिना अनुमति ने प्रेग्नेंट हो गई. ये महिला एक निजी चाइल्ड केयर सेंटर में काम करती है. सेंटर के नियमों के मुताबिक यहां काम करने वाली हर महिला कर्मचारी को प्रेग्नेंट होने या शादी करने के लिए अपने सेंटर के बॉस से परमीशन लेनी होती है. बता दें कि ये कंपनी के अघोषित नीयम हैं.

चाइल्ड केयर सेंटर ने इस नियम को इसलिए बनाया है कि प्रेग्नेंट के दौरान महिला कर्मचारियों को छुट्टी देने पर सेंटर के काम पर कोई असर ना पड़े. इसीलिए हर महिला कर्मचारी को प्रेग्नेंट होने के लिए एक निश्चित समय दिया जाता है. लेकिन ये महिला अपनी बारी आने से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई. कंपनी के नियमानुसार अगर कोई महिला बिना परमीशन लिए प्रेग्नेंट हो जाती है या शादी कर लेती है तो उसे स्वार्थी कहा जाता है.

अब इस महिला को अपने बॉस के हर रोज ताने सुनने पड़ते हैं. बॉस ने उसे फटकार लगाते हुए कहा कि आप इतनी स्वार्थी कैसे हो सकती हैं कि प्रेगनेंट होने के लिए कंपनी के नियम तोड़ दें? इसका बात का खुलासा महिला के पति ने किया है. महिला के पति ने जापान के अखबार Mainichi Shimbun को लिखे एक पत्र में कहा कि, "अपनी पत्नी की प्रेग्नेंसी को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं और घबराया हुआ हूं, क्यों कि कंपनी ने पहले ही अन्य कर्मचारियों को प्रेग्नेंट होने की इजाजत दे दी थी. लेकिन मेरी पत्नी प्रेग्नेंट हो गई. इसलिए उसका बॉस हर रोज उसे तंग करता है.”

कंपनी ने भेजा कर्मचारियों को शादी और प्रेग्नेंसी का शेड्यूल

टोक्यो के मिताका में एक कंपनी में काम करने वाली 26 साल की युवती ने Mainichi Shimbun अखबार को बताया कि, 'मुझे और 22 अन्य महिला कर्मचारियों को कंपनी ने एक ई-मेल भेजा. इसमें शादी और बच्चे को लेकर मैपिंग की गई थी. इसमें सभी को उम्र के हिसाब से बताया गया था कि किसे कब शादी करनी है और कब प्रेगनेंट होना है.' इतना ही नहीं, एक मामले में तो महिला कर्मचारी को बॉस ने ये कह दिया था कि उसे 35 साल की उम्र से पहले प्रेग्नेंट नहीं होना है.

बता दें कि विकसित देशों में लैंगिक समानता के मामले में जापान की स्थित ठीक नहीं है. पिछले साल वर्ल्ड इकोनोमिक फॉरम की लैंगिक समानता की 144 देशों की सूची में जापान की रैंकिंग114 थी. बता दें कि विश्व आर्थिक मंच दुनियाभर में राजनीति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के मामले में महिलाओं की भागीदारी का विश्लेषण कर समानता को मापता है.

द इकोनोमिस्ट में छपे आंकड़ों के मुताबिक 2017 में जापान की महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले 25.9 फीसदी कम कमाई की. ये 29 देशों में दूसरा सबसे ज्यादा कमाई का अंतर था.

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First published: 6 April 2018, 12:52 IST
 
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