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मसूद अजहर आज हो सकता है अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित, अगर चीन नहीं बना अड़ंगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 March 2019, 8:46 IST

पुलवामा हमले का मुख्य आरोपी और जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर आज 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में प्रतिबंधित हो सकता है. अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी भी सदस्य द्वारा कोई आपत्ति नहीं जताई गई, दोपहर 3 बजे तक मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित हो जाएगा.

ये प्रस्ताव पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद (जेएएम) के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा लाया गया था. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.

पठानकोट आतंकी हमले के बाद से आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ ये प्रस्ताव चौथी बार लाया गया है. लेकिन पिछले सभी मामलों में चीन इस प्रस्ताव पर रोक लगा चुका है. खबरों के मुताबिक, चीन का तर्क है कि मसूद अजहर को जेएएम से ताल्लुक रखने के पर्याप्त सबूत या जानकारी नहीं है.

UN में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने इस प्रक्रिया को समझाते हुए कहा, 'अगर साईलेंस पीरियड, जिसमें सुरक्षा परिषद का कोई सदस्य आपत्ति उठाता सकता है, 13 मार्च को खत्म हो जाता है तो मसूद अजहर को 1267 प्रतिबंध सूची में शामिल कर लिया जाएगा. प्रतिबंध समिति द्वारा उसे सूची में रखे जाने के बाद काउंसिल द्वारा इसे अनुमोदित कर दिया जाएगा.

बता दें कि प्रतिबंध समिति के सदस्य और सुरक्षा परिषद में समान 15 देश हैं. सभी सदस्य राज्यों को फैक्स या आपत्ति पत्र परिषद को भेजना है. इसके लिए कोई बैठक नहीं होगी. यदि कोई आपत्ति नहीं है, तो 3 बजे के बाद अजहर अपने आप प्रतिबंधित या सूचीबद्ध हो जाएगा, जिसके बाद परिषद से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी. लेकिन अगर प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगाई जाती है, तो इसपर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की जाएगी.

खबरों के मुताबिक, इस बार भारत ने मसूद अजहर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से होने के सबूत टेप के रूप में दिए हैं. यूएनएससी को सौंपे गए डोजियर में, जैश प्रमुख के रूप में मसूद अजहर के बोलने के ऑडियो टेप प्रस्तुत किए गए हैं. इसके बावजूद प्रस्ताव पर चीन की प्रतिक्रिया में बहुत कम बदलाव नजर आ रहा है.

इस मामले में चीनी विदेश मंत्रालय की एक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता लू कांग ने कहा, "मैं पहले यह कहना चाहूंगा कि UN की मुख्य संस्था के तौर पर UNSC के अपने सख्त मानकों और प्रक्रियाओं के नियम हैं. कुछ रिपोर्टों में यूएनएससी की अंदरूनी जानकारी है. मुझे नहीं पता कि क्या इसे प्रमाण के रूप में गिना जा सकता है."

चीन का ये भी कहना है कि इस मुद्दे पर उनका रुख तर्कसंगत और स्पष्ट है. इस समस्या का समाधान हालांकि वार्ता है. चीन ने जिम्मेदार रवैया अपनाया, समिति की प्रक्रिया के नियमों का पालन किया और एक जिम्मेदार तरीके से चर्चा में भाग लिया.

 

इस मामले में भारत ने शनिवार को कहा कि UNSC के सभी सदस्य पाकिस्तान में अजहर मसूद और जेएएम के ट्रेनिंग कैम्प की मौजूदगी के बारे में जानते हैं और राष्ट्रों से उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने का आग्रह किया है, लेकिन इसके बाद पाकिस्तान द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं. एक बार वह सूची में शामिल हो जाता है तो उसपर यात्रा प्रतिबंध, वित्तीय रोक और हथियार रखने की पाबंदी जैसे तीन प्रतिबंध लागू करने की कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा की जानी चाहिए क्योंकि वह उनके राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र में है.

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First published: 13 March 2019, 8:46 IST
 
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