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104 साल जीने के बाद स्विट्ज़रलैंड की वादियों में शरीर त्यागने निकल पड़ा ये ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2018, 12:33 IST
(washingtonpost)

शैंपेन तैयार थी और साथ में मोमबत्ती जलकर ऐसा महसूस करवा रही थी मानो यह डेविड गुडल का पहला जन्मदिन हो. प्रियजनों ने गाना शुरू कर दिया और गुडल चुपचाप इसे देख रहे थे. चेहरे पर मुस्कराहट ऐसी कि मानों अभी और खूबसूरत ज़िंदगी जीने की इच्छा हो. गुडल पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में अपनी 104 साल की उम्र का जश्न मना रहे थे.

ऑस्ट्रेलिया में गुडल को वनस्पतिविद और पारिस्थितिक विज्ञान में देश का सबसे पुराना वैज्ञानिक माना जाता है. अब गुडल का कहना है कई उन्होंने भरपूर ज़न्दगी जी ली है. जिंदगीभर कई शोध कार्य किये, कोई इच्छा नहीं बची है और अब वे इच्छा मृत्यु चाहते हैं.

गुडल यह भी कहते हैं कि मुझे इस उम्र के पड़ाव तक पहुँचने के पर बहुत खेद है. मैं 20 या 30 साल कम जीना चाहता था. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका जन्मदिन अच्छा है, तो उन्होंने कहा "नहीं, मैं खुश नहीं हूं. मैं मरना चाहता हूँ. 104 साल के गुडल कहते हैं कि ''मैं चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में इच्छा मृत्यु का अधिकार होना चाहिए.

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गुडल बुधवार को उत्तर पश्चिमी स्विट्जरलैंड में 8,000 मील की दूर यात्रा पर निकल गए. जहां वह अगले हफ्ते अपना जीवन त्याग देंगे. गुडल ने बुधवार को जाने से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रसारण कॉर्प को बताया, "मैं स्विट्जरलैंड जाना नहीं चाहता था, हालांकि यह एक अच्छा देश है लेकिन मुझे इच्छा मृत्यु के लिए ऐसा करना पड़ रहा है. क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई कानून इच्छा मृत्यु की अनुमति नहीं देता है.

स्विट्जरलैंड में इच्छा मृत्यु के कानून को पारित किया जा चूका है. गुडल ने कहा मैं ऑस्ट्रेलिया में ही अपना जीवन त्यागना चाहता था क्योंकि यह मेरा घर है. मुझे खेद है कि मुझे अपने जीवन को खत्म करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है.

पिछले दो दशकों से गुडल ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन, एक्जिट इंटरनेशनल के सदस्य रहे हैं. ज्यादातर देशों में इच्छा मृत्यु अवैध हैं लेकिन बेल्जियम, लक्समबर्ग और नीदरलैंड समेत कुछ देशों ने इसे वैध बनाया है. सालों से ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह के प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा लगाया है.

First published: 5 May 2018, 12:28 IST
 
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