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केजरीवाल के फॉर्मूले पर चले तो नहीं बढ़ेगा मेट्रो का किराया

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 October 2017, 15:42 IST

मेट्रो के किराए में 10 अक्टूबर से होने वाली बढ़ोतरी को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा है. जहां केंद्र सरकार और डीएमआरसी किराया बढ़ाए जाने को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं दिल्ली सरकार इस प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध कर रही है. हालांकि इस बीच केजरीवाल ने केंद्र सरकार को एक फॉर्मूला भेजा है. अगर इस फॉर्मूले पर अमल किया जाए तो दिल्ली मेट्रो के किराए में होने वाली बढ़ोतरी को टाला जा सकता है.

दरअसल इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर केंद्र और दिल्ली सरकार में ठनी हुई है. इस बीच केंद्रीय शहरी विकास मंत्री ने चिट्ठी लिखकर केजरीवाल से कहा कि अगर वह चाहते हैं कि दिल्ली मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी नहीं हो तो उन्हें डीएमआरसी को 3000 करोड़ रुपए चुकाने होंगे.

अब इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली मेट्रो में केंद्र और दिल्ली सरकार की आधी-आधी हिस्सेदारी है. लिहाज़ा रकम का भी बंटवारा कर दिया जाए. आदर्श स्थिति यह है कि 3000 करोड़ को दो हिस्सों में बांट दिया जाए और केंद्र और दिल्ली सरकार पर इसे वहन करने की ज़िम्मेदारी दे दी जाए.

डीएमआरसी मेट्रो के किराए में 10 अक्टूबर से बढ़ोतरी करने जा रही है. इस बीच कई दौर की बातचीत केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच चल चुकी है. अंतिम समय में दिल्ली सरकार ने किराए में बढ़ोतरी से बचने के लिए एक विकल्प सुझाया है. हालांकि केंद्र सरकार के तेवर देखकर यह लगता नहीं कि केजरीवाल के सुझाव पर अमल होने वाला है.

First published: 9 October 2017, 15:42 IST
 
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