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'सनकी तानाशाह' का बड़ा कदम, धुर-विरोधी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से मिले किम जोंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2018, 9:04 IST

कोरियाई युद्ध के बाद पहली बार कोरियाई देशों के नेता उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच मुलाकात हुई. इस मुलाकात से पूरी दुनिया हैरान रह गई. पूरी दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक बैठक पर टिकी हुई थीं.

दोनों नेताओं की मुलाकात के इस सम्मेलन को 'इंटर कोरियन समिट का नाम दिया गया है. पहली बार किम जोंग उन दक्षिण कोरिया से शांति बहाली के लिए तैयार हुआ है. इससे पहले तक उसकी पहचान एक सनकी तानाशाह की थी जो परमाणु हथियारों के परीक्षण और मिसाइल टेस्ट के लिए दुनियाभर में जाना जाता था. दुनिया उसे रॉकेट-मैन के तौर पर भी जानने लगी थी.

 

शुक्रवार को किम जोंग उन पहली बार अपने देश का सैन्य बॉर्डर पार कर पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया पहुंचे. उन्होंने यहां पहुंचते ही दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन से मुलाकात की. दोनों देशों की आजादी केे 65 साल बाद यह पहला मौका है जब उत्तर कोरिया का कोई तानाशाह दक्षिण कोरिया पहुंचा हो.1953 के कोरियाई युद्ध के बाद ही दोनों देशों का बंटवारा हुआ था.

यह मुलाकात दोनों देशों की सीमा पर बने डिमिलिट्राइज़ जोन यानि डीएमजेड पर हुई. डीएमजेड में बने पनमूनजेओम गांव के 'पीस हाउस' में किम जोंग और मून जे इन मिले. बैठक के बाद विजिटर्स डायरी में किम जोंग ने मुलाकात को ऐतिहिसक बताया. किम जोंग ने लिखा यहां से एक नया इतिहास लिखा जाएगा. हम शांति स्थापित करने वाले इतिहास के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं. अमेरिका ने भी इस बैठक का स्वागत किया है.

 

किम जोंग का दक्षिण कोरियाई नेता से मुलाकात के लिए तैयार होना पूरे विश्व के लिए हैरान करने वाली खबर थी. इस शिखर सम्मेलन का मुख्य मुद्दा और उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु हथियारों पर रोक और शांति स्थापित करना है. इस सम्मेलन की नींव तभी रखी गई थी जब फरवरी के महीने में किम जोंग उन की बहन विंटर ओलंपिक्स में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण कोरिया आई थी.

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क्या है डीएमजेड?
डीएमजेड एक ऐसी बॉर्डर रेखा है जो दोनों देशों के बीच खींची गई है. डिमार्केशन लाइन के उत्तर का हिस्सा उत्तर कोरिया के पास है जबकि दक्षिण का हिस्सा दक्षिण कोरिया के पास है. कोरियाई युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच एक बफर जोन बना दिया गया. इसे डिमिलेट्राइजड जोन कहा जाता है.

First published: 27 April 2018, 9:04 IST
 
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