Home » इंटरनेशनल » Know 65 years Russian adventurer Fedor Konyukhov's record of solo balloon flying around the world in 11 days
 

11 दिनों में हॉट एयर बैलून से पूरी दुनिया घूमकर एक जांबाज बुजर्ग ने बनाया रिकॉर्ड

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(कॉनियुखोफ.कॉम)

रोमांच जब जुनून बन जाए तब कोई व्यक्ति क्या करेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता. अब रूस के 65 साल के जांबाज बुजुर्ग फेडर कॉनियुखोफ को ही लें, जिन्होंने हॉट एयर बैलून के जरिये केवल 11 दिनों में ही अकेले पूरी दुनिया की सैर करके एक नया रिकॉर्ड बना डाला.

शनिवार को फेडर ने अपने हॉट एयर बैलून को धीरे-धीरे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के छोटे से कस्बे बॉनी रॉक के पास उतारा. इससे पहले 12 जुलाई को फेडर ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की एवॉन वैली से उड़ान भरी थी.

शनिवार को धरती पर उतरने से पहले आशंका जताई जा रही थी कि बैलून को जमीन पर उतारने में फेडर को परेशानी आ सकती है, लेकिन दिन की रोशनी खत्म होने में एक घंटा रहते फेडर ने इसे लैंड कर लिया.

जमीन पर उतरने के साथ ही फेडर ने अमेरिकी स्टीव फॉस्सेट का 14 साल पुरानी रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले फॉस्सेट ने गर्म हवा के गुब्बारे के जरिये 13.5 दिनों में दुनिया का पूरा चक्कर लगाया था.

फेडर के जमीन पर उतरने के इंतजार में वहां खड़ी टीम हवा की रफ्तार में कमी होने के साथ ही उनके सुरक्षित रूप से नीचे उतरने की कामना कर रही थी. 

11 दिनों तक हॉट एयर बैलून में अकेले रहकर दुनिया की सैर करने वाले फेडर की बाकी टीम जमीन पर रहकर लगातार रेडियो-जीपीएस के जरिये उनके संपर्क में थी. फेडर के सुरक्षित नीचे उतरते ही सब खुशी से झूम उठे.

फेडर के बेटे ऑस्कर ने अपने पिता की इस उपलब्धि को चमत्कारिक बताते हुए कहा, "एक बेटे के रूप में मुझे अपने पिता पर बहुत गर्व है. उन्होंने जो अभी प्राप्त किया है उसे समझना ही बहुत मुश्किल है. उन्होंने पहले ही प्रयास में पूरी दुनिया का चक्कर लगा लिया."

वहीं, इस उड़ान के संचालक जॉन वैलिंगटन ने कहा कि यह अद्भुत उपलब्धि है. उन्होंने कहा, "हमारी पूरी कोशिश उन्हें सुरक्षित रूप से जमीन पर उतारने की थी, लेकिन निश्चितरूप से ही यह रिकॉर्ड एक बेहतरीन बोनस है."

फेडर कॉनियुखोफ के बारे में

  • 12 दिसंबर 1951 को एजोफ समुद्र के तटवर्ती स्थान पर जन्में फेडर ने ओडेस्सा मैरिटाइम कॉलेज से नेविगेशन (मेजर) में और लेनिनग्राड आर्कटिक क़ॉलेज से शिप मैकेनिक्स में ग्रेजुएशन किया. 
  • इसके बाद उन्होंने बॉब्रूइस्क कॉलेज ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई की.
  • बचपन से ही फेडर घूमने और दुनिया के नए हिस्सों की खोज करने में दिलचस्पी रखते थे. उन्होंने केवल 15 साल की उम्र में ही पहली बार एजोफ समुद्र को नाव से पार किया था.
  • 1983 में परिवार में सबसे छोटे फेडर रूस की आर्टिस्ट यूनियन में शामिल हुए. 1996 में वो मॉस्को आर्टिस्ट्स यूनियन के सदस्य बनें और 2001 में स्कल्पचर सेक्शन के सदस्य बनें.
  • गोल्ड मेडल लॉरेट और रसियन आर्ट्स एकेडमी के ऑनरैरी एकेडेमिशियन फेडर ने 3,000 से ज्यादा पेंटिंग्स बनाई हैं. 
  • इतना ही नहीं रसियन जर्नलिस्ट यूनियन और राइटर्स यूनियन के सदस्य फेडर 17 किताबें भी लिख चुके हैं.
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए यूएनईपी के ग्लोबल 500 प्राइज पाने वाले फेडर को यूनेस्को का फेयर प्ले प्राइज भी मिल चुका है.
  • एयरोस्टेट बैलून पायलट और याच कैप्टन फेडर चार बाद दुनिया का चक्कर लगा चुके हैं, जबकि 15 बार अटलांटिक महासागर को पार कर चुके हैं.
  • वे अब तक दुनिया के इकलौते ऐसे व्यक्ति हैं जो पृथ्वी के पांच सुदूर ध्रुवों तक पहुंचे हैं. इनमें तीन बार उत्तरी ध्रुव, दक्षिणी ध्रुव, द पोल ऑफ इनएक्सेसिबिलिटी इन द आर्कटिक ओसिएन, दो बार माउंट एवरेस्ट के शिखर पर और चार बार केप हॉर्न के जरिये दुनिया के चारों ओर घूम चुके हैं. 

First published: 23 July 2016, 8:14 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियोंं-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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