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भारत को सौंपा गया किरपाल सिंह का शव

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 April 2016, 15:30 IST

पाकिस्तान की जेल में 11 अप्रैल को रहस्यमय हालात में मृत पाए गए भारतीय कैदी किरपाल सिंह का शव भारत पहुंच गया है. लाहौर की कोट लखपत जेल में किरपाल की मौत हो गई थी.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने किरपाल का शव भारतीय अधिकारियों को अमृतसर के पास वाघा बॉर्डर पर सौंपा. इसके बाद जरूरी कागजी कार्यवाही पूरी करने के लिए पार्थिव शरीर को एकीकृत चेक पोस्ट पर ले जाया गया.

किरपाल सिंह के शव को एक ताबूत में रखा गया. वहीं किरपाल की बहन ने एक बार फिर दोहराया है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई थी. किरपाल पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले थे.

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Kirpal 2

सरबजीत के साथ रहे थे कैद

किरपाल की बहन जागीर कौर का कहना है कि दो महीने पहले ही किरपाल का खत मिला था उस वक्त वो बिल्कुल ठीक थे.

किरपाल सिंह जासूसी के आरोप में 20 साल से ज्यादा वक्त से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद थे. आरोप है कि 50 साल के किरपाल 1992 में वाघा बॉर्डर पार करके पाकिस्तान में दाखिल हो गए थे. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

किरपाल सिंह पर आरोप था कि वो पाकिस्तान के फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए सीरियल बम धमाकों में शामिल था. कोर्ट ने किरपाल को जासूसी और आतंकवाद का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी.

पढ़ें:कैदी किरपाल सिंह की मौत का मुद्दा भारत ने उठाया

कोट लखपत जेल में सरबजीत सिंह भी उनके साथ कैद रह चुके थे. 2013 में इसी कोट लखपत जेल में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर दो पाकिस्तानी कैदियों ने हमला कर दिया था. अस्पताल में इलाज के दौरान सरबजीत की मौत हो गई थी. 

भारतीय कैदियों पर खतरा !

इस बीच सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने आरोप लगाया है कि लाहौर जेल में 11 भारतीय कैदियों को जान से मारने के निर्देश दिए गए हैं. दलबीर ने कहा कि अहमदाबाद के कुलदीप कुमार और महाराष्ट्र के अंसारी की जान को खतरा है.

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First published: 19 April 2016, 15:30 IST
 
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