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जिंदा है ओसामा बिन लादेन! स्नोडेन का दावा कितना सच

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 February 2016, 15:48 IST

एडवर्ड स्नोडेन ने दावा किया है कि आतंकी संगठन अल कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन अभी जिंदा है और बाहामा में रह रहा है. 2011 में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस आतंकी को पाकिस्तान में मार गिराने की खबर आई थी.

स्नोडेन ने यह खुलासा मॉस्को ट्रिब्यून को दिए गए एक साक्षात्कार में किया. उन्होंने दावा किया कि न केवल ओसामा जिंदा है और बाहामा में रह रहा है बल्कि वो सीआईए (सेंट्रल इंटेलीजेंस अमेरिका) के पेरोल पर है. उन्होंने दावा किया कि ओसामा को उसके परिवार के साथ बाहामा के अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया था.

उन्होंने अपने साक्षात्कार में बताया, "मेरे पास दस्तावेज हैं जिनसे पता चलता है कि बिन लादेन अभी भी सीआईए पेरोल पर है. उसे 1 लाख यूएस डॉलर से ज्यादा रकम प्रतिमाह मिल रही है. जो कुछ बिजनेस और ऑर्गनाइजेशन द्वारा सीधे नसाऊ बैंक के खाते में भेजी जाती है. मैं इस बारे में पक्का नहीं बता सकता कि फिलहाल वो कहां है, लेकिन 2013 में वो अपनी कोठी में अपनी पांच बीवियों और कई बच्चों के साथ रह रहा था."

Snoden claim on Osama death.jpg

सीआईए का पूर्व एजेंट होने के चलते स्नोडेन के इस दावे पर कुछ यकीन तो किया जा सकता है. लेकिन यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि एडवर्ड स्नोडेन को अमेरिका ने भगोड़ा घोषित कर रखा है. स्नोडेन ने फिलहाल रूस में शरण ले रखी है. गौरतलब है कि स्नोडेन को रूसी एजेंसी द्वारा संरक्षण दिया गया है.

बीते तकरीबन पांच वर्षों की घटनाओं को देखते हुए स्नोडेन के इस दावे पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल लगता है. लेकिन स्नोडेन यह भी दावा करते हैं कि उनके इस बयान को पुख्ता करने के लिए उनके पास दस्तावेज भी है. हालांकि अभी तक किसी तीसरे पक्ष द्वारा इन दस्तावेज की जांच नहीं की गई है. 

अगस्त में छपा था यह समाचार

यहां बताना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर फिलहाल चर्चा में छाई यह खबर 25 अगस्त 2015 को वर्ल्डन्यूजडेलीरिपोर्ट नामक वेबसाइट में छप गई थी. उस वक्त से ही यह समाचार सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हो रहा था. लेकिन बीते दो दिनों से यह बहुत ज्यादा वायरल हो गया और इसके पीछे क्या कारण है यह पता नहीं चल पाया है.

इस खबर की सच्चाई पर प्रश्नचिन्ह

दरअसल जिस वेबसाइट पर यह खबर सबसे पहले चली थी और उसमें जिस समाचार चैनल/वेबसाइट/अखबार यानी मास्कोट्रिब्यून का जिक्र था, उसका फिलहाल इंटरनेट पर कहीं अस्तित्व ही नजर नहीं आता. मास्कोट्रिब्यून डॉट कॉम नाम की वेबसाइट बिक्री के लिए उपलब्ध है तो डॉट आरयू का कोई अस्तित्व ही नजर नहीं आता. 

ऐसे में वाकई ऐसा कोई साक्षात्कार हुआ या स्नोडेन ने किसी को दिया, यह पुख्ता नहीं होता.

First published: 8 February 2016, 15:48 IST
 
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