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भारत के फैसले से निराश लेकिन हार नहीं मानूंगा: मार्क जुकरबर्ग

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2016, 14:07 IST

भारतीय टेलीकॉम नियामक संस्था (ट्राई) के आदेश से फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग बेहद निराश हैं. सोमवार को ट्राई ने भारत में इंटरनेट डाटा के लिए अलग-अलग चार्ज को नामंजूर कर दिया है.

ट्राई ने कहा है कि इंटरनेट सेवाओं पर अलग- अलग चार्ज लगाने वाली कंपनियों पर प्रतिदिन 50,000 रुपए का जुर्माना लगेगा. ट्राई का यह आदेश फेसबुक के फ्री बेसिक्स अभियान के लिए तगड़ा झटका है.

Mark Zuckerberg

ट्राई के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए जकरबर्ग ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'आज भारत की टेलीकॉम नियामक ने ऐसी योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया, जो डेटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराती है. इसके चलते इंटरनेट.ओआरजी के एक कार्यक्रम फ्री बेसिक्स और इसी की तरह डेटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों पर रोक लग गई है.'

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उन्होंने आगे लिखा, 'हम आज के फैसले से निराश हैं मैं निजी तौर पर यह बताना चाहता हूं कि हम भारत और दुनिया भर में बैरियर्स खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं. इंटरनेट.ओआरजी की कई पहलें हैं और हम तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक हर किसी तक इंटरनेट न पहुंचे.'

फेसबुक का मायाजालः फ्री बेसिक्स या बिजनेस टैक्टिक्स

जुकरबर्ग ने दावा किया कि इंटरनेट.ओआरजी के जरिये फेसबुक ने दुनियाभर में बहुत-से लोगों की जिंदगी में सुधार किया है. उन्होंने कहा, 'भारत को इससे जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण लक्ष्य है, क्योंकि यहां एक अरब से भी ज्यादा लोग हैं, जिनकी पहुंच इंटरनेट तक नहीं है.'

फेसबुक संस्थापक ने दावा किया कि 38 देशों में 1.9 करोड़ से अधिक लोग फेसबुुक के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े हैं. जुकरबर्ग के अनुसार, 'उनका लक्ष्य दुनिया को खुला और एक दूसरे से जुड़ा हुआ बनाना हैं. यह लक्ष्य बरकरार है और भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी. दुनिया में हर किसी के पास इंटरनेट की पहुंच होनी चाहिए.'

फेसबुक फ्री बेसिक्सः कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता जनाब

पिछले साल फेसबुक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ मिल कर फ्री बेसिक्स ऑफर की शुरुआत की थी. इसका शाब्दिक अर्थ है कि मुफ्त में इंटरनेट शेयरिंग का प्लेटफार्म.

इसके बाद फ्री बेसिक्स के आलोचकों ने 'सेव द इंटरनेट' मुहिम चलाई और ट्राई के पास हजारों संदेश भेजकर फेसबुक के अभियान का विरोध जताया था.

First published: 9 February 2016, 14:07 IST
 
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