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मोदी सरकार बलूच नेता बुगती को अभी नहीं देगी भारत में रहने के लिए हरी झंडी

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 September 2016, 12:49 IST
(एजेंसी)

मोदी सरकार पाकिस्तान से निर्वासित बलूच नेता ब्रहमदाग बुगती को शरण नहीं देने जा रही है. विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा इन खबरों का खंडन किया गया है.

इस मामले में पाकिस्तानी मीडिया में रिपोर्ट चल रही थी कि बुगती भारत में रहने की इजाजत मांगने वाले हैं और भारत सरकार उन्हें इस बात की इजाजत दे भी सकती है.

पाक मीडिया की इन खबरों को निराधार बताते हुए सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, फिलहाल हम ऐसा कुछ भी नहीं करने जा रहे हैं.

बुगती अभी स्विट्जरलैंड में रह रहे हैं. उन्होंने वहीं से कहा, "मैंने भारत सरकार से शरण के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है."

हालांकि बुगती ने संकेत किया कि वह भारत में रहना चाहते हैं. बुगती ने कहा मैं फिलहाल यहां हूं, लेकिन यात्रा के दौरान मुझे समस्या का सामना करना पड़ रहा है. यदि मुझे भारत आने का मौका मिलता है तो मैं जरूर आऊंगा.

बुगती ने कहा, "बलूचिस्तान और अफगानिस्तान में हमारे लोग बहुत मुश्किल स्थिति में रह रहे हैं. बहुत कम लोग हैं जो यूरोप आने में समर्थ हैं. उनके पास बहुत विकल्प नहीं हैं. ऐसे में हम लोग चाहते हैं कि भारत सरकार हमारे लिए दरवाजा खोले. भारत तक मेरी और हमारे लोगों की पहुंच होनी चाहिए." 

बुगती ने कहा कि 19 सितंबर को एक आंतरिक बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने बुगती और अन्य निर्वासित बलूच नेताओं के खिलाफ रेड कॉर्नर इंटरपोल नोटिस जारी किया है.

वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान चाहता है कि यूरोपीय देशों में रहकर बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले नेता उसके कब्जे में आ जाएं.

पाकिस्तान को लगता है बलूच नेताओं की इन गतिविधियों का असर 46 बिलियन डॉलर के चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर पर पड़ेगा.पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह इकनॉमिक कॉरिडोर ज्यादातर अशांत बलूच इलाकों से होकर ही गुजर रहा है.

First published: 17 September 2016, 12:49 IST
 
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