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म्यांमार: रोहिंग्या मामले की कवरेज करने वाले रॉयटर के दो पत्रकारों को 7 साल की सजा, ये हैं आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2018, 12:40 IST

रोहिंग्या मामले की रिपोर्टिगं करने के मामले में न्यूज एजेंसी रायटर्स के दो पत्रकारों को म्यांमार में सात साल की सजा सुनाई गई है. दोनों को रोहिंग्या पर रिपोर्ट‍िंग के दौरान गोपनीयता भंग करने का आरोप था. उनकी गिरफ्तारी के बाद म्यांमार में बवाल मच गया है. शनिवार को 100 से ज्यादा पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने यंगून में आरोपी पत्रकारों के समर्थन में मार्च निकाला था.

बता दें कि म्यांमार के पत्रकार वा लोन(32) और क्याव सो ऊ (28) को दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद दोनों को यंगून की इनसीन जेल में रखा गया था. पिछले साल मुस्लिम अल्पसंख्यक रोहिंग्या पर रखाइन राज्य में म्यांमार सिक्योरिटी फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई के बाद की गई रिपोर्टिंग ने उन्हें दुनिया के सामने लाया था.

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इसके बाद उनपर कार्रवाई की गई. उन पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन करने के तहत की गई. इस एक्ट में अधिकतम 14 साल की सजा का प्रावधान है. सुनवाई कर रहे जज ये लवीन ने अपने फैसले में कहा, "चूंकि उन्होंने गोपनीयता कानून के तहत अपराध किया है, दोनों को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई जा रही है."

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वहीं, दोनों पत्रकारों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि वे रखाइन गांव में 10 मुस्लिम रोहिंरग्या की हत्या के मामले का पर्दाफाश करने की कोशि‍श कर रहे थे. उन्हें जबरन फंसाया गया है. 

First published: 3 September 2018, 12:36 IST
 
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