Home » इंटरनेशनल » national geographic famous afghan girl arrested in Peshawar
 

'अफगान युद्ध की मोना लिसा' पेशावर में गिरफ़्तार: DAWN

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2016, 17:09 IST
(DAWN)

नेशनल जियोग्राफ़ी की मशहूर 'अफगान गर्ल' को जालसाज़ी के इल्ज़ाम में पेशावर पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. संघीय जांच एजेंसी ने गिरफ़्तारी के बाद कहा है कि शरबत गुल के पास से पाकिस्तानी नागरिकता के फर्ज़ी पहचान पत्र मिले हैं. पाकिस्तानी अख़बार डॉन के मुताबिक उनके फर्ज़ी पहचान पत्र ज़ब्त कर लिए हैं.  

नेशनल डेटाबेस रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के अधिकारी शाहिद इलियास ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, 'शरबत गुल को फर्ज़ी पहचान पत्र जारी करने में अथॉरिटी के तीन अधिकारियों ने मदद की है और उनकी तलाश की जा रही है'.

शरबत गुल पर अगर जुर्म साबित होता है तो उन्हें 14 साल की सज़ा और 3 से 5 हज़ार डॉलर तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. उनपर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 419, 420 के तहत मुक़दमा दर्ज हुआ है.

अफ़गानिस्तान युद्ध की मोना लिसा

शरबत गुल दुनियाभर में अफगान गर्ल के नाम से तब मशहूर हुईं, जब अमेरिकी फोटोग्राफ़र स्टीव मैकरी ने 1984 की दिसंबर में उन्हें अपने कैमरे में क़ैद किया. शरबत तब पेशावर के एक किनारे पर स्थित नासिर बाग़ शरणार्थी शिविर में रह रही थीं. 

नेशनल जियोग्राफी ने 1985 में उन्हें अपनी मैग्ज़ीन के कवर पर जगह दी और उनके ऐतिहासिक पोर्ट्रेट को विंची की मशहूर पेंटिंग मोना लिसा से जोड़ा गया.

मैकरी की इस तस्वीर के बाद शरबत लगभग गायब हो गईं मगर 17 साल बाद 2002 में नेशनल जियोग्राफी ने उन्हें खोज निकाला. 

घरवालों को जब पता चला कि मैकरी ने 17 साल पहले उनकी तस्वीर खींची थी, तो उन्होंने शरबत को मैकरी से मुलाक़ात की इजाज़तच दे दी. इतने सालों के बाद भी मैकरी उन्हें देखते ही पहचान गए. शरबत का पोर्ट्रेट दोबारा लेने के बाद उन्होंने कहा, 'उनकी आंखें अभी भी वैसी ही हैं, जैसी पहले थीं'.

First published: 26 October 2016, 17:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी