Home » इंटरनेशनल » Nepal recalls ambassador, cancels President's visit
 

नेपाली राष्ट्रपति का भारत दौरा रद्द, नई दिल्ली से राजदूत वापस बुलाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच नेपाली राष्ट्रपति का भारत दौरा रद्द हो गया है. साथ ही, नेपाल सरकार ने शुक्रवार को नई दिल्ली से नेपाली राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को वापस बुलाने का फैसला किया है.

नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी 9 मई को भारत आने वाली थीं और उनका 14 मई को उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ के 'शाही स्नान' में भी भाग लेने का कार्यक्रम था. इस संबंध में भारत सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

नौ मई का प्रस्तावित दौरा रद्द

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार राष्ट्रपति भंडारी का दौरा रद्द करने के संबंध में शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दीप उपाध्याय से बात की थी. दौरा रद्द करने के संबंध में उपाध्याय को जानकारी नहीं दी गई थी और उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी नाखुशी जाहिर की थी.

बताया जा रहा है उपाध्याय ने पीएम से कहा, 'दौरा रद्द किया जाना ऐसे समय उचित नहीं था, जब भारत-नेपाल संबंध पटरी पर लौट रहा था' इस पर ओली ने कहा, 'अगर आप दौरा रद्द करने के मुद्दे पर इस तरह का रुख तो आप पद छोड़ सकते हैं.'

सरकार विरोधी गतिविधि का आरोप

उपाध्याय नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. उपाध्याय को पिछले साल अप्रैल में भारत में नेपाल का दूत नियुक्त किया गया था. उन पर सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

इसके बाद पीएम ओली की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में दीप उपाध्याय को वापस बुलाने का फैसला किया गया. इस फैसले पर उपाध्याय ने कहा, 'जब मैंने यहां पद संभाला था उस समय हालात मुश्किल थे. 

पढ़ें: नेपाल में प्रचंड फिर बनेंगे प्रधानमंत्री !

दोनों देशों के बीच नासमझदारी के नाते चार पांच महीने तकलीफ उठानी पड़ी लेकिन अभी तो हालात सुधर रहे थे. संबंध का सुधारना ही है. हम यही कहेंगे कि जो भी होगा संबंध सुधारने के पक्ष में ही काम करना होगा.'

नई दिल्ली में सरकारी सूत्रों ने कहा, ‘हमें पता चला है कि नेपाल की तरफ से नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की भारत यात्रा स्थगित कर दी गई है. हमारा मानना है कि यह नेपाल में राजनीतिक घटनाक्रमों की वजह से हुआ है.’

टला राजनीतिक संकट !

काठमांडू पोस्ट ने खबर दी है कि उपाध्याय पर विदेश मंत्रालय को सूचित किए बिना भारतीय दूत रंजीत राय के साथ दक्षिणी नेपाल के मधेस जिलों का दौरा करने का भी आरोप है. उपाध्याय पर ओली सरकार को अपदस्थ करने के प्रयास में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है.

हालांकि नेपाल में फिलहाल राजनीतिक संकट टल गया है. प्रचंड के नेतृत्व वाली यूसीपीएन-माओवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला रद्द कर दिया है.

First published: 7 May 2016, 2:00 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी