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भारत पर आरोप लगाकर फंस गए नेपाल के पीएम, पार्टी नेताओं ने कहा- सबूत पेश करो वरना इस्तीफा दो

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2020, 9:21 IST

नया नक्शा पास करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी ही पार्टी में घिरते नजर आ रहे हैं. के पी शर्मा ओली ने दो दिन पहले दावा किया था कि भारत उनके देश के कुछ राजनेताओं के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रहा है. अब नेपाल के तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित पार्टी के नेताओं ने ओली से इन आरोपों को साबित करने अन्यथा पद छोड़ने को कहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की एक मीटिंग में पुष्प कमल दहल प्रचंड, माधव कुमार नेपाल और झलनाथ खनल के साथ-साथ पूर्व डिप्टी पीएम बामदेब गौतम ने ओली से इस्तीफे की मांग की और कहा कि वह हर तरह से विफल रहे हैं.

प्रचंड ने कहा कि भारत के खिलाफ ओली का आरोप पूरी तरह गलत था. उन्होंने कहा “वह भारत नहीं, मैं हूं जो आपके इस्तीफे की मांग कर रहा है. आपको इस तरह की गैरजिम्मेदार टिप्पणी का सबूत देना चाहिए''. स्थायी समिति के एक सदस्य के अनुसार खनल, माधव नेपाल और गौतम ने ओली पर मित्र देश भारत के खिलाफ अपनी टिप्पणी में असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार होने का आरोप लगाया. अपने आरोपों के बचाव में पीएम ओली ने कहा कि भारतीय मीडिया में गोपनीय बैठक की जानकारियां कैसे आ रही हैं.


 

रविवार को अपने आधिकारिक आवास पर एक समारोह में बोलते हुए ओली ने कहा था ''देश का नया नक्शा जारी करने और संसद से पास कराने के कारण मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है. बुद्धिजीवियों की चर्चा, नई दिल्ली से मीडिया रिपोर्ट्स, दूतावास की गतिविधियों और काठमांडू के अलग-अलग होटलों में चल रही बैठकों से साफ दिखता है कि किस तरह लोग मुझे हटाने के लिए खुलकर सक्रिय हैं. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलेगी.''

इस बीच मंगलवार को नेपाल के सरकारी अख़बार 'द राइजिंग नेपाल' को दिए एक इंटरव्यू में नेपाल में चीनी राजदूत होउ यानकी ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा कि नेपाल में बॉर्डर मुद्दे पर भारत का विरोध चीन के इशारे पर हो रहा है. बामदेब गौतम, जो पार्टी की बैठक में ओली की आलोचना में सबसे आगे थे, ने मांग की कि ओली को पीएम और पार्टी प्रमुख दोनों पदों से इस्तीफा देना चाहिए.

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ओली पार्टी फोरम के बाहर भी आलोचनाओं के घेरे में आ चुके हैं. पूर्व पीएम बाबूराम भट्टाराई ने एक रैली करते हुए कहा कि ओली को भारत के खिलाफ अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत पेश करने चाहिए. राजशाही समर्थक प्रजातंत्र पार्टी के सह-अध्यक्ष और पूर्व विदेश मामलों के मंत्री डॉ. प्रकाश चंद्र लोहानी ने कहा “ओली को किसी को भी पद से हटाने की आवश्यकता नहीं होगी, वह खुद को बेदखल होने की फिराक में है.” सजेहा पार्टी के प्रमुख रवीन्द्र मिश्रा ने कहा कि ओली को मनो-सामाजिक परामर्श की आवश्यकता है.

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First published: 1 July 2020, 9:12 IST
 
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